दिल्ली के हिंदू कॉलेज में दाखिले और कॉलेज के कामकाज से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। इससे पहले गुरुवार यानी 1 अक्टूबर को शिक्षकों ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कुलपति कार्यालय तक मार्च निकाला। साथ ही हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज में प्रवेश, वित्तीय प्रबंधन, खरीद प्रक्रिया, नियुक्तियों और प्रशासनिक व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। कॉलेज के शिक्षक संघ ने कॉलेज के संचालन में पारदर्शिता, वैधानिक नियमों के पालन और स्टाफ काउंसिल की भूमिका बहाल करने की मांग की है। मालूम हो कि कॉलेज प्रशासन ने यहां के तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया है जिसका स्टॉफ एसोसिएशन ने विरोध किया है।
खेल और ECA कोटे में दाखिले से शुरू हुआ विवाद यह विवाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दाखिले के पहले राउंड के दौरान शुरू हुआ। HCSA का आरोप है कि बीएससी और बीए पॉलिटिकल साइंस और स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा कैरिकुलम एक्टिविटीज(ECA) कोटे के तहत निर्धारित सीमा से अधिक सीटें आवंटित की गईं।
क्या है पूरा मामला शिक्षक के अनुसार, हिंदू कॉलेज में ईसीए और स्पोर्ट्स कोटे के तहत कुल 48 सीटें हैं। इस हिसाब से किसी एक पाठ्यक्रम में अधिकतम 10 सीटें आवंटित होनी चाहिए थीं। आरोप है कि कॉमर्स में 17 और राजनीति विज्ञान में 15 सीटें आवंटित की गईं। शिक्षक का दावा है कि डीयू के प्रवेश विभाग ने लिखित रूप में यह स्वीकार किया है कि आवंटन के दौरान 20 प्रतिशत की सीमा को लागू करने में गलती हुई थी। इसके बाद भी अधिक सीटों पर दाखिला हुआ है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने निर्धारित सीमा से अधिक आवंटन के लिए एडमिशन एल्गोरिदम में हुई गलती को जिम्मेदार बताया है।
प्रिंसिपल ने दाखिले में सीधी भूमिका से किया इनकार वहीं, हिंदू कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अंजु श्रीवास्तव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दाखिले नियमानुसार हुए हैं। डीयू हमें जो सीट आवंटित करके भेजता है, उन्हीं सीटों पर हम दाखिला देते हैं। हमने भी ऐसा ही किया है। विवाद बढ़ने के बाद पिछले महीने गवर्निंग बॉडी ने HCSA अध्यक्ष रतन लाल, सचिव शंकर कुमार और एसोसिएट प्रोफेसर पी. के. विजयन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। ये नोटिस विरोध के दौरान दिए गए बयानों और किए गए पत्राचार को लेकर जारी किए गए थे।
अब कई मुद्दों पर जांच की मांग हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन यानी एचसीएसए ने अब अपनी मांगों का दायरा बढ़ा दिया है। शिक्षक संघ ने अध्ययन अवकाश, चाइल्ड केयर लीव, सब्बेटिकल और पदोन्नति में देरी, समानांतर समितियां बनाने और स्टाफ काउंसिल की नियमित बैठकें नहीं होने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा छात्रवृत्ति और फेलोशिप के वितरण में पारदर्शिता की कमी, फीस बढ़ोतरी में छात्रों से पर्याप्त परामर्श नहीं करने और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

