8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का बड़ा हिस्सा पे कमीशन की रिपोर्ट प्रभावी होने पर मिलेगा। आयोग की अलग-अलग शहरों में हुई मीटिंग के दौरान भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा है। आयोग की अगली मीटिंग बेंगलुरू में 7 और 8 अक्टूबर को होगी। इससे पहले चेन्नई, पुडुचेरी, कोलकाता, लखनऊ, भुवनेश्वर, दिल्ली जैसे शहरों में आयोग की बैठक हो चुकी है। बता दें, पे कमीशन की तरफ से रिपोर्ट जमा करने के बाद सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी होगा। जिसके बाद कर्मचारियों के एरियर पर फैसला होगा। मौजूदा समय में केद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की गणना के हिसाब से सैलरी और पेंशन मिल रही है।
किसी कर्मचारी की कितनी सैलरी बढ़ेगी इस गणित के लिए सबसे महत्वपूर्ण है फिटमेंट फैक्टर। कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े अलग-अलग संगठनों की तरफ से फिटमेंट फैक्टर्स को लेकर अलग-अलग मांग की गई है। माना जा रहा है कि आयोग 2.15, 2.28 या फिर 2.57 फिटमेंट फैक्टर तय कर सकता है। हालांकि, आधिकारिक ऐलान अबतक नहीं हुआ है।
मौजूदा समय में 8वें पे कमीशन के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई है। आयोग का नोटिफिकेशन नवंबर 2025 में जारी किया गया था। ऐसे में आयोग का समय मई 2027 में समाप्त हो रहा है।
एरियर कितना मिलेगा यह 8वें पे कमीशन की तरफ से हुई देरी और फिटमेंट फैक्टर आदि पर निर्भर करेगा। अगर आयोग 2.1 फिटमेंट फैक्टर रखता है और रिपोर्ट 18 महीने की देरी से लागू होता है तब की स्थिति में लेवल 6 के कर्मचारियों को 7 लाख रुपये का एरियर मिल सकता है। वहीं, 2.28 फिटमेंट फैक्टर रहा तब लेवल 6 के कर्मचारियों को 1087488 रुपये के एरियर मिल सकता है। 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर 1333872 रुपये का एरियर मिलने की संभावना है।
अगर आयोग 2.15 फिटमेंट फैक्टर रखता है तब 18 महीने के पीरियड के लिए लेवल 8 के कर्मचारियों को 1313760 रुपये का एरियर मिलेगा। वहीं, 2.28 फिटमेंट फैक्टर होने की स्थिति में 1462272 रुपये का एरियर मिल सकता है। वहीं, फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहने की स्थिति में 1793568 रुपय का एरियर मिल सकता है।

