बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब तेजी से मजबूत हो रहा है। इसके असर से देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, 24 सितंबर के बाद पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक बारिश का अनुमान है। केरल में भी 24 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। दूसरी ओर, राजस्थान के कुछ हिस्सों से अगले तीन-चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
समुद्र में 75 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं रविवार रात अंडमान सागर और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। 23 और 24 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास 22 से 24 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
यूपी : 24 सितंबर के बाद बदल सकता है मौसम बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम तंत्र के असर से 24 सितंबर के बाद पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलने का अनुमान है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले स्थानीय पूर्वानुमान से प्रभावित जिलों की स्थिति और स्पष्ट होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, मिर्जापुर, वाराणसी, देवरिा, बलिया, आंबेडकर नगर, अयोध्या, बाराबंकी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा : 20 जिलों में सतर्क रहने की सलाह बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के 23 सितंबर को दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास गहरे दबाव के क्षेत्र के रूप में पहुंचने का अनुमान है। इसके प्रभाव से ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
महाराष्ट्र में भी होगी बारिश आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 28 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश के आसार है। विदर्भ और मराठवाड़ा में कुछ स्थानों पर तेज से बहुत तेज बारिश होने की उम्मीद है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने की सामान्य तिथि 17 सितंबर है। इस वर्ष हालांकि वापसी में थोड़ी देरी हुई है। यह लगभग दो दिन बाद शुरू हुई है। आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक विपरीत चक्रवातीय परिसंचरण बन गया है, जबकि इस क्षेत्र में लगातार पांच दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। उपग्रह से प्राप्त चित्रों ने भी वायुमंडलीय नमी में कमी का संकेत दिया है, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि क्षेत्र से मानसून वापस लौटना शुरू हो गया है।

