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केजरीवाल ने शराब नीति को दिए 10 में से 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर खुद को दिए 8-9 अंक

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के कामों का खुद किया मूल्यांकन, बिजली में भी खुद को दिए पूरे नंबर

झटपट समझें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कामों का खुद मूल्यांकन करते हुए शराब नीति को 10 में से 10 अंक दिए हैं, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में खुद को 8-9 अंक दिए।

मुख्य बातें

  • अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति को 10 में से 10 अंक दिए।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम के लिए खुद को 8 या 9 अंक दिए।
  • बिजली के क्षेत्र में किए गए काम के लिए खुद को 10 में से 10 अंक दिए।
  • पानी की आपूर्ति के मामले में 7 अंक दिए।
  • महिला सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन है।
  • वायु प्रदूषण और यमुना सफाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता बताई।
एक व्यक्ति नमस्ते की मुद्रा में हाथ जोड़कर कैमरे की ओर देख रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के कामों का खुद मूल्यांकन किया।

अरविंद केजरीवाल की अगुआई में एक दशक से अधिक समय तक दिल्ली में चली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अपने काम की सबसे ज्यादा तारीफ करती रही है। वह इसे शासन के 'नए मॉडल' के तौर पर पेश करती आई है। हालांकि, अब सरकार जाने के करीब डेढ़ साल बाद अरविंद केजरीवाल ने माना है कि इन दोनों क्षेत्रों में अभी और काम करने की जरूरत थी। यही वजह है कि उन्होंने इन दो क्षेत्रों में कामकाज के लिए खुद को 10 में 10 नंबर नहीं दिए। हालांकि, उन्होंने बिजली को लेकर किए काम में खुद को पूरे के पूरे नंबर दिए। दिलचस्प यह है कि उन्होंने शराब को लेकर बनाई अपनी नीति को भी 10 में 10 नंबर दिए, जिसमें कथित घोटाले के आरोप लगने के बाद उन्हें और मनीष सिसोदिया को कई महीने जेल में रहना पड़ा। बाद में उन्हें निचली अदालत ने बरी कर दिया और अब मामला हाई कोर्ट में लंबित है।

दरअसल, एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अरविंद केजरीवाल से उनकी सरकार में हुए कामकाज को खुद आंकने को कहा गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई, बिजली, वायु प्रदूषण और शराब नीति जैसे मुद्दों पर उनसे 1 से 10 नंबर देने को कहा गया। एक मतलब सबसे कम और 10 मतलब सर्वोत्तम था। अरविंद केजरीवाल से सबसे पहले शिक्षा को लेकर उत्तर मांगा गया, जिसे उनकी सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करती रही है और शिक्षा मंत्री रहे मनीष सिसोदिया के लिए केजरीवाल भारत रत्न तक की मांग कर चुके हैं। केजरीवाल ने कहा, 'मैं कहूंगा 8 या 9 क्योंकि और भी काफी कुछ करना बाकी था, हम करना चाहते थे। इसलिए मैं 10 नहीं दूंगा। लेकिन मैं 8 या 9 दूंगा।'

सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सरकार के काम को केजरीवाल ने '8 या 9' नंबर देने की बात कही। उन्होंने कहा, 'इन्होंने (भाजपा सरकार) मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए हमारी सरकार जाने के बाद। बहुत दुख होता है। कुछ दिन पहले मैं तिलक नगर गया था वहां मोहल्ला क्लीनिक में गाय भैंस चर रही थी। मैं 8 या 9 दूंगा।' आप प्रमुख ने मुफ्त और 24 घंटे बिजली देने का दावा करते हुए इस मामले में खुद को पूरे नंबर दिए। उन्होंने कहा, 'बिजली में 10 में 10, 24 घंटे बिजली आने लगी थी। मुफ्त हो गई थी। अब फिर से कट लगने लगे हैं।'

पानी सप्लाई, महिला सुरक्षा और पानी पर क्या बोले पाइप से पानी की आपूर्ति के मामले में अरविंद केजरीवाल ने 7 नंबर लिए और कहा कि अगले 5 साल में काम पूरा हो जाता। केजरीवाल ने कहा, 'काफी काम हो गया था। पानी मुफ्त था। कई इलाकों जैसे द्वारका में पानी नहीं आता था, वहां पहुंचा दिया था। कई इलाकों में पानी आने लगा था। पानी साफ होने लगा था। मुझे उम्मीद थी कि और 5 साल में 24 घंटे पानी कर देंगे दिल्ली में।' महिला सुरक्षा पर केजरीवाल ने कहा कि यह केंद्र सरकार के अधीन है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर केजरीवाल ने अपने काम को 7 या 8 नंबर देने की बात कही। शासन और पादर्शिता पर उन्होंने अपनी सरकार को 8-9 नंबर, रोड और ड्रेनेज पर भी 8-9 नंबर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें भी बहुत कुछ करना बाकी था। एक मास्टर ड्रेनेज प्लान बना रहे थे दिल्ली का।

वायु प्रदूषण और यमुना सफाई, केंद्र के पाले में डाली गेंद वायु प्रदूषण पर काम को लेकर कोई नंबर दिए बिना केजरीवाल ने कहा कि लेकर कहा कि यह हमारे ऊपर निर्भर नहीं था। बाहर के राज्यों से आता था। खासतौर पर सर्दियों में जो पराली का धुआं आता है। 6-7 राज्य शामिल हैं, केंद्र सरकार को सभी को बिठाकर काम करना होगा। यमुना सफाई के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसमें भी केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत पड़ेगी। यमुना में कुछ हिस्सा दिल्ली सरकार का है, कुछ हिस्सा डीडीए का, कुछ हिस्सा इस एजेंसी का....कई एजेंसियों का होना गर्वनेंस के लिए दिक्कत है। दिल्ली मेट्रो की तरह यमुना के लिए अलग कंपनी बना दी जाए और सभी उसे अपनी जमीन दे दें तो वह करेगी। नहीं तो सब आपस में लड़ते रहेंगे। काम ही नहीं होगा। लेकिन अब तो 6-7 इंजन की सरकार है। अब भी यमुना साफ नहीं हो रही है, डेढ़ साल में कुछ नहीं हुआ।

शराब नीति की तारीफ कर दिए 10 में 10 अंत में अरविंद केजरीवाल से एक्साइज (शराब) नीति को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने इसकी तारीफ करते हुए पूरे नंबर दिए। केजरीवाल ने कहा, 'शराब नीति बहुत अच्छी थी। मैं 10 में 10 दूंगा। क्योंकि हमने उसे पंजाब में लागू किया और वहां बहुत अच्छी चल रही है।' केजरीवाल ने एक और सवाल के जवाब में कहा, 'पॉलिसी बहुत अच्छी है। वही पॉलिसी पंजाब में लागू है वहां राजस्व 5 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ हो गया। मैं आपका बतात हूं पॉलिसी क्या थी। पहले जितने भी ठेके थे दिल्ली में वे सरकारी थे। निजी ठेकों की नीलामी नहीं करते थे। हर साल 10-15 पर्सेंट रेट बढ़ाकर देते थे। उसमें भ्रष्टाचार होता था। हमने कहा कि हम नीलामी करेंगे। हमें इससे दोगुना तीगुना राजस्व मिल रहा था। हमने तो कहा था जो ज्यादा बोली लगाएगा उसे मिलेगा। यह अच्छी नीति थी, इसमें गलत क्या है।'

भ्रष्टाचार के केस में जेल जाने का बहुत दुख: केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि पूरी जिंदगी कट्टर ईमानदार रहने के बाद भी उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना पड़ा। पूर्व सीएम ने कहा, 'मेरी आत्मा को सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि पूरी जिंदगी कट्टर ईमादारी में गुजरी और जेल गए तो भ्रष्टाचार के आरोप में। किसी और चीज में जेल चला जाते उतना दुख नहीं होता। 24 घंटे टीवी पर चलता था कि केजरीवाल भ्रष्टाचारी, बेल नहीं मिल रही। लोगों के मन में शक तो होता है। यह मेरे लिए सबसे पीड़ादायक था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपों को की बखिया उधेड़ दी। इसके बाद लोगों को लगने लगा कि बीजेपी ने केजरीवाल के साथ बहुत अन्याय किया।'

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