केरल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और दामाद मोहम्मद रियास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों को शामिल करते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
आपको बता दें कि बीते हफ्ते कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जनरल के. जाजू बाबू और एडवोकेट वी. सेतुनाथ और ED की ओर से पेश हुए जयशंकर वी. नायर की दलीलें सुनी थीं। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा सवाल यह है कि क्या PMLA की धारा 66(2) के तहत ED से जानकारी मिलने पर राज्य की पुलिस बिना शुरुआती जांच के FIR दर्ज करने के लिए बाध्य है?
केरल पुलिस को तुरंत FIR करनी चाहिए थी: ED ईडी और याचिकाकर्ता दोनों ने तर्क दिया कि इस मामले के तथ्यों के आधार पर शुरुआती जांच की कोई गुंजाइश नहीं थी। राज्य की पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए थी। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इस मामले में विजिलेंस विभाग के किसी सदस्य के बिना एक विशेष जांच टीम बनाई गई थी। ऐसा कैबिनेट के फैसले के बिना नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेश के तहत यही कानून है।
ED ने डीजीपी को लिखी थी चिट्ठी 19 अगस्त को ईडी ने एक प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि उसने इस मामले में करोड़ों रुपये के हवाला लेन-देन से जुड़े सबूत इकट्ठा किए हैं। आरोपियों ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अपराध किए हैं। 7 सितंबर को ईडी ने केरल के डीजीपी को पत्र भेजकर पिनाराई विजयन के साथ-साथ वीणा और रियास के खिलाफ PC एक्ट के तहत FIR दर्ज करने को कहा। हालांकि, होम सेक्रेटरी ने डीजीपी को आदेश दिया कि वे यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दें और शुरुआती जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाएं।
सरकार ने क्यों दिए जांच के आदेश? याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल, एडिशनल एडवोकेट जनरल और डायरेक्टर जनरल ऑफ प्रॉसिक्यूशन से कानूनी राय मांगी थी। इन सभी ने तुरंत FIR दर्ज करने की सलाह दी थी, लेकिन सरकार ने फिर भी शुरुआती जांच का आदेश दे दिया।
याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि उसकी शिकायतों पर एक तय समय-सीमा के भीतर विचार किया जाए। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले को विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया जाए ताकि PC एक्ट के तहत अपराधों को शामिल करते हुए FIR दर्ज की जा सके।

