Saharanpur News: सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सिविल लाइंस स्थित करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ के नकली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एनआईए के अनुसार मुकेश कुमार निवासी हसनपुर, थाना सदर और राजेंद्र कुमार निवासी कल्याणपुर, सरसावा, सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को इस मामले में गिरफ्तार किए गए संविदा चालक आदेश चौधरी का करीबी सहयोगी और साजिश का अहम आरोपी बताया गया है। अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एनआई की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप है। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों व संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
एनआईए की ओर से रविवार को बताया गया कि आरोपी मुकेश कुमार मनोहरपुर थाने के हसनपुर कदीम गांव का रहने वाला है। वहीं राजेंद्र कुमार सरसावा के कल्याणपुर गांव का निवासी है। एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपी आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी हैं। आदेश चौधरी को एनआईए ने 15 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
29 अगस्त को सामने आया था मामला सहारनपुर के सदर बाजार थाने को 29 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद बैंक ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। सदर बाजार थाने में 29 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई।
तीन सितंबर को एनआईए ने संभाली जांच एनआईए ने तीन सितंबर को केस को दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। एजेंसी ने नामजद आरोपी अमित कुमार को सात सितंबर को गिरफ्तार किया था। 15 सितंबर को करेंसी चेस्ट से जुड़े संविदा चालक आदेश चौधरी की गिरफ्तारी हुई। अब मुकेश कुमार और राजेंद्र की गिरफ्तारी से जांच का दायरा और बढ़ गया है। सामने आया था कि आदेश चौधरी करेंसी चेस्ट से जुड़े वाहन चालक के तौर पर काम करता था।
पूरी साजिश खोलने में जुटी एनआईए एनआईए अब यह पता लगाने में जुटी है कि करेंसी चेस्ट तक नकली नोट किस तरह पहुंचे, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और नकली नोटों को आगे प्रसारित करने की क्या योजना थी। एजेंसी की ओर से कहा गया है कि जांच जारी है और पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के साथ शेष सह-आरोपियों और संदिग्धों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

