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दीपांशु शौकीन ने खुद ठुकराया था NSUI का टिकट, फिर भी राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार को क्यों डांटा?

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 में NSUI की हार पर राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार से जवाब मांगा।

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राहुल गांधी ने NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ को दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए डांटा, खासकर उपाध्यक्ष पद जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के टिकट वितरण को लेकर।

मुख्य बातें

  • राहुल गांधी ने DUSU चुनाव 2026 में NSUI की हार पर कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से जवाब मांगा।
  • दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद 30,615 वोटों से जीता, जबकि NSUI उम्मीदवार को 4,313 वोट मिले।
  • कांग्रेस नेता अमिताभ दुबे ने कहा कि दीपांशु शौकीन को NSUI ने अध्यक्ष पद का टिकट ऑफर किया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
  • दीपांशु शौकीन ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनका नाम पहले कन्फर्म था, लेकिन टिकट किसी और को दिया गया।
  • राहुल गांधी ने चुनाव प्रबंधन, उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीति पर असंतोष व्यक्त किया।
  • DUSU 2026 में NSUI चारों केंद्रीय पदों पर हार गई, जबकि ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते।
एक आदमी को भीड़ में कंधों पर उठाया गया है, जिसने नारंगी और सफेद फूलों की माला पहनी है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 में NSUI के खराब प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार से जवाब मांगा।

दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 में कांग्रेस की बड़ी बुरी हार के बाद अब राहुल गांधी खुद एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ को बुलाकर जवाब-तलब किया। उपाध्यक्ष का पद जीतकर सुर्खियों में आए निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन का मुद्दा इसमें अहम रहा है। क्योंकि शुरुआत में ऐसा कहा जा रहा था कि दीपांशु को NSUI ने टिकट नहीं दिया और वे निर्दलीय बनकर चुनाव जीत गए। हालांकि, बाद में कांग्रेस ने साफ किया कि दीपांशु को अध्यक्ष पद का टिकट ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने खुद ही इसे ठुकराया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और AICC में रिसर्च और मॉनिटरिंग के प्रभारी अमिताभ दुबे ने 19 सितंबर को ही साफ कर दिया था कि शौकीन को NSUI की तरफ से अध्यक्ष पद का टिकट ऑफर किया गया था, जिसे उन्होंने खुद ठुकरा दिया।

“टिकट नहीं मिला” वाली खबरें गलत: दुबे अमिताभ दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, “NSUI ने शौकीन को टिकट देने से इनकार किया- यह दावा गलत है।” उन्होंने कहा कि शौकीन को अध्यक्ष का टिकट ऑफर हुआ, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। दुबे ने सवाल उठाया, “अगर वह अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे, तो फिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि उन्हें टिकट नहीं मिला?”

शौकीन की बड़ी जीत और विरोधाभासी बयान सितंबर 2026 में हुए DUSU चुनाव में दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष का पद 30,615 वोटों के साथ बड़े अंतर से जीता।

दूसरे नंबर पर रहे ABVP के इशु मौर्या को 16,910 वोट मिले, जबकि NSUI के आधिकारिक उम्मीदवार वीर चतरथ सिर्फ 4,313 वोट ही जुटा सके।

कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि शौकीन को आखिरी समय पर NSUI का टिकट नहीं मिला, इसलिए उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर किस्मत आजमाई।

वहीं अब कांग्रेस के नेता ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि शौकीन को अध्यक्ष का टिकट ऑफर हुआ था, पर उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया।

'नाम कन्फर्म था, फिर टिकट किसी और को दे दी' दीपांशु शौकीन ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनका नाम पहले कन्फर्म हुआ था, लेकिन बाद में टिकट किसी और को दे दिया गया। इसी वजह से उन्होंने उपाध्यक्ष के पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

NSUI के खराब प्रदर्शन पर राहुल गांधी का मंथन DUSU 2026 में NSUI को चारों केंद्रीय पदों पर हार मिली; ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद जीते।

इस नतीजे के बाद कांग्रेस हाईकमान, खासकर राहुल गांधी, ने NSUI नेतृत्व से जवाब मांगा और दिल्ली इकाई की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

शौकीन की बड़ी जीत को पार्टी के भीतर “टिकट वितरण” और “स्थानीय नेताओं के दखल” जैसे मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हम जीत के इतने करीब थे फिर क्या हुआ: राहुल गांधी सोमवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस के NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ को तलब किया। पता चला है कि विपक्ष के नेता (LoP) ने दोनों नेताओं से हार का कारण पूछा।

सूत्रों के अनुसार, गांधी ने दोनों नेताओं से सवाल किया कि अध्यक्ष पद जीतने के करीब होने के बावजूद एनएसयूआई का प्रदर्शन इतना खराब क्यों रहा।

राहुल गांधी ने बैठक में सीधे-सीधे पूछा- “हम अध्यक्ष पद जीतने के बेहद करीब थे, फिर क्या हुआ?”

सूत्रों के अनुसार, गांधी ने चुनाव प्रबंधन को लेकर कुमार और जाखड़ के प्रति असंतोष जताया और रणनीति, उम्मीदवार चयन और चुनाव प्रचार के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी।

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