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CJI सूर्यकांत पर सौरभ दास ने निकाली भड़ास, जिसने कॉकरोच नाम दिया उसी पर भड़के

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा दिए हैं।

झटपट समझें

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा दिए हैं। पार्टी पदाधिकारी सौरभ दास ने रविवार को कहा है कि शीर्ष न्यायालय ने युवाओं के वोटिंग के अधिकार को छीनने में मिलीभगत की है।

मुख्य बातें

  • CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा दिए हैं।
  • पार्टी पदाधिकारी सौरभ दास ने रविवार को कहा है कि शीर्ष न्यायालय ने युवाओं के वोटिंग के अधिकार को छीनने में मिलीभगत की है।
  • इस दौरान उन्होंने दो जजों के नाम भी लिए हैं।
CJI सूर्यकांत पर सौरभ दास ने निकाली भड़ास, जिसने कॉकरोच नाम दिया उसी पर भड़के
CJI सूर्यकांत पर सौरभ दास ने निकाली भड़ास, जिसने कॉकरोच नाम दिया उसी पर भड़के

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा दिए हैं। पार्टी पदाधिकारी सौरभ दास ने रविवार को कहा है कि शीर्ष न्यायालय ने युवाओं के वोटिंग के अधिकार को छीनने में मिलीभगत की है। इस दौरान उन्होंने दो जजों के नाम भी लिए हैं। खास बात है कि यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने और आयोग के काम करने के तरीकों के खिलाफ याचिका पर सुनवाई होनी है।

सौरभ दास ने लिखा, 'बंगाल और बिहार में SIR प्रक्रिया बगैर किसी रुकावट के चलने देने वाले जज भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची अब शांत रहें।' उन्होंने लिखा, 'भले ही वो अब कुछ करना चाहें, तो करना जारी रख सकते हैं। किसी को फर्क नहीं पड़ता। सुप्रीम कोर्ट इस मिलीभगत में शामिल था कि जेन जी के वोट देने के अधिकार और राज्य के चुनाव छीन लिए जाएं।'

याचिकाएं नहीं सुनने पर उठाए सवाल उन्होंने लिखा, 'इसे सुनिश्चित करते हुए समय रहते जरूरी याचिकाएं नहीं सुनी गईं। इनमें महाराष्ट्र सरकार का गिरना, पार्टियों का टूटना, दिल्ली में संवैधानिक संकट शामिल है। सभी में भाजपा की मर्जी थी। यह हमारी न्यायपालिका पर बड़ा धब्बा है।'

उन्होंने कहा, 'विश्वसनीयता किस बात की होगी, यह भारत के लोग और युवा तय करेंगे। कोर्ट कल या कभी भी जो चाहे तो करे।'

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज सोमवार को शीर्ष न्यायालय में ज्ञानेश कुमार के काम करने के तरीकों समेत 2 याचिकाओं पर सुनवाई होने जा रही है। खबर है कि सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी मोहाना मामले पर सुनवाई करेंगे। दरअसल, हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि बीते 10 महीनों में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से संबंधित फैसलों पर सवाल उठाए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, आयुक्तों ने कहा था कि उनकी सिफारिश या जानकारी के बगैर फैसले ले लिए गए थे। साथ ही कहा गया था कि चुनाव आयुक्तों ने अलग-अलग पत्र कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को लिखा था, जिसमें वोटर सॉफ्टवेयर पर सवाल उठाए गए थे।

कानूनी कार्रवाई की मांग पटना के रहने वाले राकेश कुमार सिंह ने याचिका दाखिल की है। इस जनहित याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट से यह तय करने का अनुरोध किया गया है कि क्या सीईसी कुमार अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानूनी तौर पर पूरे निर्वाचन आयोग की है। साथ ही कहा है कि अगर ऐसा है तो उन कार्यों को अनधिकृत घोषित किया जाए और उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

याचिका के मुताबिक, 'निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी संख्या 3 (सीईसी) इस याचिका की लंबित अंतिम सुनवाई तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर काम न करें; निर्देश दिया जाए कि इस दौरान आयोग का कामकाज प्रतिवादी संख्या 4 (सुखबीर सिंह संधू) और 5 (विवेक जोशी) की सर्वसम्मति से चलाया जाए; और निर्देश दिया जाए कि (निर्देश के) परिणामस्वरूप रिक्त होने वाले पद पर कोई भी नियुक्ति एक ऐसी समिति की सिफारिश पर की जाए, जिसमें माननीय प्रधान न्यायाधीश भी शामिल हों।'

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