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कॉकरोच पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके 'फेसबुक-इंस्टा बैन' वाली किस बात पर भड़क गए

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके नाबालिगों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर की जा रही कोशिशों पर भड़क गए हैं।

झटपट समझें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके नाबालिगों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर की जा रही कोशिशों पर भड़क गए हैं।

मुख्य बातें

  • कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके नाबालिगों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर की जा रही कोशिशों पर भड़क गए हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट की ओर से किए गए सवाल और केंद्र सरकार के रुख को देखते हुए दीपके ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह ‘जेन अल्फा' को चुप करने की कोशिश है।
  • देश की सबसे बड़ी अदालत ने सोमवार को केंद्र से इस बात पर विचार करने को कहा है कि नाबालिग सोशल मीडिया कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करके इसका इस्तेमाल ना कर पाएं।
कॉकरोच पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके 'फेसबुक-इंस्टा बैन' वाली किस बात पर भड़क गए
कॉकरोच पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके 'फेसबुक-इंस्टा बैन' वाली किस बात पर भड़क गए

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके नाबालिगों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को लेकर की जा रही कोशिशों पर भड़क गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से किए गए सवाल और केंद्र सरकार के रुख को देखते हुए दीपके ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह ‘जेन अल्फा' को चुप करने की कोशिश है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने सोमवार को केंद्र से इस बात पर विचार करने को कहा है कि नाबालिग सोशल मीडिया कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट करके इसका इस्तेमाल ना कर पाएं।

दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता एनजीओ 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का की दलीलों का संज्ञान लिया था और इस याचिका पर जवाब मागते हुए कहा था, 'भारत में हमें कुछ सुरक्षा उपायों की जरूरत है।' केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को पीठ से कहा, 'कुछ किया जा सकता है, कुछ किया जाना चाहिए और किया जाएगा। हमें फिर से आना होगा…।'

सरकार के रुख को देखते हुए सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके भड़क उठे। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने पिछले सालों में मेनस्ट्रीम मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए नैरेटिव को कंट्रोल किया। लेकिन इंस्टाग्राम युद्ध का अलग मैदान है। जेन जी ने इसका इस्तेमाल सवाल पूछने, मजाक उड़ाने और पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा को चुनौती देने के लिए किया। अब जेन अल्फा ऑनलाइन उम्र में आ रहे हैं।'

पूरे जेनरेशन को चुप नहीं कराना चाहिए: दीपके ऑनलाइन सेफ्टी के नाम पर नाबालिगों पर प्रतिबंध कागज पर उचित लग सकता है। लेकिन यह पूछना उचित है कि क्या कोई और भी मंशा है। जेन अल्फा को वह करने से रोकना जो जेन जी ने किया। यहां तक कि 15-16 साल की उम्र वाले भी प्रधानमंत्री और सत्ता में बैठे लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं। यदि केंद्र सरकार सच में युवाओं को लेकर चिंतित है, तो इसे इंटरनेट को सुरक्षित बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शुरुआत उन अकाउंट्स को बंद करने से होनी चाहिए जो लड़कियों को ऑनलाइन गाली देते हैं और परेशान करते हैं, ना कि पूरे जेनरेशन को चुप करा देना चाहिए।' दीपके ने कहा कि सरकार की अपील पर मेटा की ओर से सरकार की आलोचना वाले कॉटेंट हटाए जा रहे हैं। सिस्टम की विफलता दिखाने वाले कई कॉटेंट क्रिएटर्स के अकाउंट बंद किए जा रहे हैं। इसलिए मुझे यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए कम और

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