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अभिजीत दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका को पता था दिल्ली में क्या होगा, दास ने कहा- हम इसलिए फ्लाइट से आए

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा की थी।

झटपट समझें

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा की थी।

मुख्य बातें

  • देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा की थी।
  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति लिए बिना सीजेपी ने बड़ी संख्या में समर्थकों और अन्य छात्र संगठनों के साथ वहां जाने की घोषणा की तो दिल्ली पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू करके सुरक्षा और…
  • दिल्ली आने वाली कई दर्जन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया तो 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट भी 25 घंटे तक बंद रहे।
अभिजीत दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका को पता था दिल्ली में क्या होगा, दास ने कहा- हम इसलिए फ्लाइट से आए
अभिजीत दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका को पता था दिल्ली में क्या होगा, दास ने कहा- हम इसलिए फ्लाइट से आए

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा की थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति लिए बिना सीजेपी ने बड़ी संख्या में समर्थकों और अन्य छात्र संगठनों के साथ वहां जाने की घोषणा की तो दिल्ली पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू करके सुरक्षा और पाबंदियों के कड़े इंतजाम किए। दिल्ली आने वाली कई दर्जन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया तो 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट भी 25 घंटे तक बंद रहे।

दिल्ली की सीमाओं से लेकर नई दिल्ली के इलाकों तक में हजारों पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। ऐसे में सीजेपी के तीनों बड़े नेता एक विमान में सवार होकर मुंबई से आईजीआई पहुंचे। यह जानते हुए भी पुलिस उन्हें जंतर-मंतर जाने से रोकेगी और सीजेपी नेता जिस तरह एक साथ एक ही विमान पर बिना किसी गुपचुप योजना के दिल्ली आए, यह माना जा रहा था सीजेपी नेता मान चुके थे कि इस बार पुलिस की तैयारी के सामने उनकी नहीं चलने वाली है।

सौरभ दास ने किया स्वीकार- कदम रखते ही पकड़ा जाना तय था सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने सोमवार को बीबीसी से बातचीत के दौरान इस बात को स्वीकार किया कि जिस तरह पुलिस ने तैयारी की थी वह कैसे भी आते, दिल्ली में कदम रखते ही पकड़ लिया जाना तय था। जिस तरह से पाबंदियां लगाईं गईं क्या आपको अंदाजा था? इस पर सौरभ दास ने कहा, 'बिल्कुल। पूरा दिल्ली छावनी बनाकर रखा है। सब लोग देख रहे हैं।' क्या हिरासत में लिए जाने की आशंका थी? इस पर उन्होंने कहा,'बिल्कुल, हम रोड से आते, ट्रेन से आते, फ्लाइट से आते जैसे ही हम लोग पैर रखते दिल्ली में, डिटेन या अरेस्ट कर लिए जाने की आशंका थी, वही हुआ।' यह पूछे जाने पर कि तीनों के एक साथ फ्लाइट में आने को लेकर सवाल उठ रहा है, रांका ने कहा, 'बिल्कुल, डिटेन होना था। लोगों को समझना पड़ेगा। रोड सील कर दिया था। रोड से अगर उठाकर कहीं ले जाते। इससे अच्छा हमने कहा कि हेड ऑन लेंगे। हम फ्लाइट से आएंगे वहां से आपको उठाना है तो...। आज सरकार एक्सपोज हो चुकी है।'’

दीपके ने भी कहा था- अरेस्ट होने के लिए ही आए सीजेपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने भी उस दिन फ्लाइट में ही इस बात को जाहिर किया था कि वे मानसिक रूप से इसके लिए तैयार होकर आए हैं। जैसे ही महिला पुलिसकर्मियों ने सीजेपी नेताओं के पास जाकर उन्हें अपने साथ चलने को कहा तो दीपके बोले, ‘हम अरेस्ट होने के लिए ही आए हैं। हमें अरेस्ट कर लीजिए।’

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