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उत्तराखंड में कांग्रेस की बड़ी जीत; निकाय चुनाव में भाजपा को हराया, आधे वार्डों पर कब्जा

मयंक त्यागी, किच्छा (उधमसिंह नगर) उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है।

झटपट समझें

मयंक त्यागी, किच्छा (उधमसिंह नगर) उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। नगर पालिका किच्छा के घोषित परिणाम में कांग्रेस ने तीसरी बार अपना कब्जा बरकरार रखा।

मुख्य बातें

  • मयंक त्यागी, किच्छा (उधमसिंह नगर) उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है।
  • नगर पालिका किच्छा के घोषित परिणाम में कांग्रेस ने तीसरी बार अपना कब्जा बरकरार रखा।
  • जबकि पहली बार नगर पालिका बनी सिरौलीकलां भी जीत ली।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के झंडे लहरा रहे हैं।
उत्तराखंड में कांग्रेस की बड़ी जीत; निकाय चुनाव में भाजपा को हराया, आधे वार्डों पर कब्जा

मयंक त्यागी, किच्छा (उधमसिंह नगर) उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। नगर पालिका किच्छा के घोषित परिणाम में कांग्रेस ने तीसरी बार अपना कब्जा बरकरार रखा। जबकि पहली बार नगर पालिका बनी सिरौलीकलां भी जीत ली। किच्छा में कांग्रेस के राजेश प्रताप, तो सिरौलीकलां में राशिदा जीतीं।

नई मंडी समिति परिसर में घोषित परिणाम में किच्छा से कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह (19091) ने भाजपा के संदीप अरोरा को 6147 मतों से हराया। संदीप को 12944 मत मिले। राजेश ने चार राउंड में से सभी में बढ़त हासिल की। यहां के 20 वार्डों में से कांग्रेस ने 10 जबकि भाजपा ने 6 और निर्दलीयों ने 4 वार्ड जीते। सिरौलीकलां में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की राशिदा ने 5434 मत लेकर निर्दलीय प्रत्याशी फरीन जहां को 1773 मतों से हराया। फरीन को 3661 वोट मिले।

किच्छा-सिरौलीकलां में जीत से बढ़ा बेहड़ का कद किच्छा और सिरौलीकलां नगरपालिका के चुनाव को विधायक तिलकराज बेहड़ ने चुनौती की तरह स्वीकार किया था। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुए किच्छा और सिरौलीकलां के नगरपालिका चुनाव तिकल राज बेहड़ और राजेश शुक्ला के बीच सेमीफाइनल मैच की तरह देखा जा रहा था। दोनों चुनावों में बेहड़ ने बाजी मार, शुक्ला की चिंता बढ़ा दी है।

वर्ष 2018 के नगरपालिका चुनाव में किच्छा नगरपालिका के विस्तारीकरण में ग्राम सिरौलीकलां को जोड़ लिया गया था। इसके बाद शासन ने सिरौलीकलां को किच्छा से अलग कर दिया था। इसके बाद कांग्रेसियों ने सिरौलीकलां को किच्छा नगरपालिका का हिस्सा बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। सात अक्तूबर को शासन ने सिरौलीकलां और किच्छा नगरपालिका के अलग-

चुनाव कराने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। इसे कांग्रेस चुनौती की तरह देख रही थी।

कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर थी चुनाव में कांग्रेस के अध्यक्ष पद प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह और भाजपा के प्रत्याशी संदीप अरोरा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी। जबकि सिरौलीकलां नगरपालिका में भाजपा ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। भाजपा ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को किच्छा सीट विजय पर झोंक दिया था। बेहड़ और शुक्ला के बीच जिस तरह का विवाद मतदान के दौरान हुआ था, उसे साफ हो गया था कि दोनों के लिए यह कैसे प्रतिष्ठा की सीट हो गई है।

मतदान के दिन हाथापाई तक हुई मतदान के दिन विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक शुक्ला के बीच हुई हाथापाई ने पूरे चुनाव को हाईप्रोफाइल कर दिया। पूर्व विधायक शुक्ला के विवाद और चुनाव को व्यक्तिगत बनाने का नुक़सान भाजपा को हुआ। मतगणना के बाद कांग्रेस के पक्ष में आया परिणाम विधायक बेहड़ की उपलब्धि माना जा रहा है।

सिरौलीकलां के वार्डों में ये जीते सिरौलीकलां के वार्ड 1 में कांग्रेस की सना ने निर्दलीय मेहनाज, वार्ड 2 में कांग्रेस के फरियाद शाह ने निर्दलीय अब्दुल वाहिद, वार्ड 3 में कांग्रेस की रुखसार ने निर्दलीय अदीबा व वार्ड 4 में कांग्रेस के मो. शारिक ने निर्दलीय मो. अब्दुल सिराज को हराया। सिरौलीकलां नगरपालिका के अस्तित्व में आने के बाद पूरे बोर्ड पर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया है।

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