पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय कैराना संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने चंद्रशेखर की आजद समाज पार्टी को छोड़ दिया है। यूपी चुनाव से पहले चंद्रेशखर को बड़ा झटका लगा है। दोनों ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम एवं सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मौजूदगी में दोनों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। दोनों के आजाद समाज पार्टी छोड़ने के बाद से ही कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा चल रही थी।
अमीर आलम का पश्चिमी यूपी की राजनीति में करीब चार दशक लंबा राजनीतिक सफर रहा है, जबकि नवाजिश आलम बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की पश्चिमी यूपी में सक्रियता के बीच दोनों नेताओं के कांग्रेस में आने से पार्टी के क्षेत्रीय राजनीतिक क्षेत्र में एक नया नाम जुड़ा है।
थानाभवन सीट पर टिकी निगाहें कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही नवाजिश आलम की अगली राजनीतिक पारी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में शामली जिले की थानाभवन विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर सकते हैं। गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम वर्ष 1985 में पहली बार थानाभवन से विधायक चुने गए। इसके बाद 1989 में मोरना से विधानसभा पहुंचे और 1996 में फिर थानाभवन से विधायक चुने गए। उत्तर प्रदेश सरकार में वह परिवहन मंत्री भी रहे। इसके बाद कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और बाद में सपा से राज्यसभा सदस्य भी रहे। 2026 में आसपा से इस्तीफा दे दिया और अब कांग्रेस में नई राजनीतिक पारी शुरू की है।
नवाजिश ने पिता की विरासत से आगे बढ़ा रहे नवाजिश आलम ने वर्ष 2012 में सपा के टिकट परबुढ़ाना सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2017 में उन्होंने मीरापुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। वर्ष 2018 में वह पिता के साथ राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हुए। 2025 में दोनों ने आजाद समाज पार्टी का दामन थामा। अमीर आलम परिवार का कांग्रेस में आना ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पश्चिमी यूपी में अपना संगठन और सामाजिक आधार मजबूत करने में जुटे हैं। अमीर आलम और नवाजिश का कांग्रेस में शामिल होना मुजफ्फरनगर-शामली क्षेत्र की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।

