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चंद्रशेखर का सपा पर तंज: 'नीला रंग अपनाने से बीएसपी जैसी पार्टी नहीं बन जाती'

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के नए रंग पर सवाल उठाए।

झटपट समझें

चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के नीले रंग को अपनाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल रंग बदलने से बीएसपी जैसी पार्टी नहीं बन जाती और मायावती को अपना नेता बताया।

मुख्य बातें

  • चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के नीले रंग अपनाने पर निशाना साधा।
  • उन्होंने कहा कि सिर्फ रंग बदलने से पार्टी का चरित्र नहीं बदलता।
  • चंद्रशेखर ने मायावती को अपना नेता बताया और कहा कि दलित वोट खिसकने का कारण भाजपा सरकार में उनका आवाज न उठाना है।
  • उन्होंने सपा और भाजपा दोनों पर जिलों के नाम बदलने का आरोप लगाया।
  • आजाद समाज पार्टी सत्ता में आने पर शराबबंदी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सरकारी अस्पतालों में सुधार का वादा करती है।
  • पार्टी 23 सितंबर को दिल्ली में आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू करेगी।
एक व्यक्ति सफेद शर्ट और नीले दुपट्टे में माइक पर बोल रहा है, उसका एक हाथ उठा हुआ है।
चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के नीले रंग को अपनाने पर सवाल उठाए।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के नीले रंग की ड्रेस अपनाने को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ रंग बदलने से किसी पार्टी का चरित्र नहीं बदलता।

सीतापुर जिले की मिश्रिख विधानसभा सीट पर सामाजिक न्याय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “नीले कपड़े पहनाकर उन्हें बीएसपी कार्यकर्ताओं जैसा दिखा सकते हैं, लेकिन उनका चरित्र कैसे बदलेंगे?”

मायावती को बताया अपना नेता

चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को अपना नेता बताते हुए कहा कि दलित वोट बसपा से इसलिए खिसके क्योंकि भाजपा सरकार में दलितों के शोषण के खिलाफ ‘बहनजी’ ने आवाज नहीं उठाई। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी के समर्थन की अपील करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और भाजपा एक ही दिशा में काम कर रहे हैं।

सपा और भाजपा पर भी साधा निशाना आजाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने दलित महापुरुषों के नाम पर रखे गए जिलों के नाम बदले थे। उन्होंने संत रविदास नगर, कांशीराम नगर, महामाया और ज्योतिबा फुले नगर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार भी जिलों के नाम बदल रही है।

सत्ता में आए तो क्या करने का दावा? चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी की सरकार बनने पर कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू की जाएगी। खुले तौर पर शराब की बिक्री का बहुजन समाज और युवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाएंगे। सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

बैलेट पेपर से चुनाव की मांग का समर्थन चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी चुनाव में अनियमितताओं को रोकने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन करती है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने जेन-जी आंदोलन का समर्थन किया है। उनके मुताबिक, आजाद समाज पार्टी 23 सितंबर को दिल्ली में आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू करेगी।

चंद्रशेखर ने कहा है कि पार्टी जंतर मंतर पर आरक्षण, अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने इस प्रदर्शन को संपूर्ण भागीदारी आंदोलन का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर का दिन पूना पैक्ट दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन देशभर को यह बताया जाएगा कि बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने पूना पैक्ट अपने मन से नहीं बल्कि मजबूरी में किया था।

यूपी की 45 सीटों पर उम्मीदवार तय चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप दे चुकी है। उन्होंने बताया कि पार्टी शनिवार को अयोध्या जिले और रविवार को बस्ती में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी।

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