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कांग्रेस ने अजीत डोभाल के कैबिनेट मंत्री दर्जे पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, पहले NSA का पद जूनियर होता था, अब मंत्री बने.

झटपट समझें

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि पहले NSA का पद जूनियर होता था और वे सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट नहीं करते थे. चव्हाण ने विदेश नीति के संचालन और डोभाल की संसद के प्रति जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है.

मुख्य बातें

  • पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि NDA सरकार में अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है.
  • चव्हाण के अनुसार, पहले NSA का पद जूनियर होता था और वे गृह तथा विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट करते थे.
  • अब डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर दोनों सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, एक-दूसरे को नहीं.
  • चव्हाण ने विदेश नीति के संचालन में जयशंकर और डोभाल के काम के बंटवारे पर सवाल उठाया.
  • उन्होंने कहा कि डोभाल संसद के प्रति जवाबदेह नहीं हैं, क्योंकि वह न तो चुने हुए हैं और न ही उन्होंने शपथ ली है.
  • राहुल गांधी ने भी पहले डोभाल पर संचार साधनों पर 'कब्जा' करने और 'सिस्टम' का हिस्सा होने का आरोप लगाया था.
लोग एक सम्मेलन में बैठे हुए हैं और हेडफ़ोन पहने हुए हैं।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के पद और विदेश नीति में उनकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं.

NSA अजीत डोभाल पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस की सरकार में डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा है कि पहले NSA का पद जूनियर होता था। खास बात है कि हाल ही में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पर निशाना साधा था।

उन्होंने सवाल किया है कि भारत सरकार में विदेश नीति कौन चला रहे हैं? साथ ही कहा, 'आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विदेश नीति कौन चला रहा है। एक तरफ तो हमने देखा है कि जयशंकर जी हैं, बहुत अनुभवी हैं, IFS अधिकारी हैं। एक तरफ डोभाल साहब हैं, जो 10 साल से सुरक्षा सलाहकार का काम कर रहे हैं। हमारे समय डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब एनएसए जूनियर पोस्ट थी। कैबिनेट मंत्री थे और उनके नीचे राज्य मंत्री NSA होते थे।'

सरकार से सवाल उन्होंने कहा कि अब सभी कैबिनेट रैंक के मंत्री हैं। उन्होंने कहा, 'अब मोदी जी ने डोभाल जी को कैबिनेट रैंक दिया है। तो जयशंकर जी हों या डोभाल जी हों, दोनों ही सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। वो एक दूसरे को रिपोर्ट नहीं करते। पहले हमारे यहां था कि एनएसए जो है आंतरिक सुरक्षा के मामले में गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट करते थे।'

चव्हाण ने आगे कहा, 'अब अमित शाह जी, जयशंकर जी और डोभाल तीनों ही कैबिनेट रैंक के मंत्री हैं। सीधा प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। विदेश मंत्रालय का काम जयशंकर जी क्या देख रहे हैं और डोभाल जी क्या देख रहे हैं, यह देश को बताना पड़ेगा।'

काम के बंटवारे पर किए सवाल कांग्रेस नेता ने कहा, 'हाल ही में हमने देखा कि जयशंकर जी रूस गए थे और डोभाल जी चीन गए थे। क्या आपस में काम का बंटवारा हुआ है? अब संसद के सामने डोभाल जवाबदेह नहीं हैं, जबकि जयशंकर हैं। हमारी संवैधानिक व्यवस्था है कि संसद के मंत्री संसद के प्रति उत्तर दायित्व होते हैं। लेकिन डोभाल जी तो एक अफसर हैं। वह न तो चुने हुए हैं और न ही कोई शपथ ली है। तो वह कैसे विदेश नीति चला रहे हैं। बहुत सारी गंभीर बाते हैं।'

हालांकि, उन्होंने राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तारीफ भी की।

राहुल गांधी उठा चुके हैं सवाल 19 सितंबर को मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने कहा था कि डोभाल फोन और सोशल मीडिया समेत अलग-अलग संचार साधनों पर 'कब्जा करके बैठे' हैं और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तक खुफिया सूचनाएं पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि 'सिस्टम' ने राजनीति से लेकर शिक्षा, कारोबार, नौकरशाही, खेल और मीडिया समेत हर क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है।

कांग्रेस सांसद ने कहा था, 'पूरे देश पर एक सिस्टम का कब्जा हो गया है जिसके शीर्ष स्तर पर छह लोग हैं।' उन्होंने कहा था कि इसी सिस्टम में डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी हैं। इसके अलावा उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं पर निशाना साधा था।

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