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दिल्ली दंगे: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत से फिर इनकार

हाई कोर्ट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ नहीं जा सकते

झटपट समझें

दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकते।

मुख्य बातें

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज की।
  • दोनों आरोपी करीब 6 साल से जेल में बंद हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के फैसले को बेंच नहीं बदल सकती।
  • फरवरी 2020 में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी।
  • शरजील इमाम को 4 अक्टूबर से 7 दिन की अंतरिम जमानत मिली है।
उमर खालिद और शरजील इमाम: जेल से ‘आजादी’ मांगने का फिर वही अंजाम
दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिली है।

दिल्ली दंगे से जुड़े साजिश वाले केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। दोनों करीब 6 साल से जेल में बंद हैं और जमानत के लिए निचली से सबसे ऊपरी अदालत तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दर्ज 'वृहत साजिश' वाले यूएपीए केस में जमानत के लिए दोनों आरोपियों ने जमानत की अर्जी दायर की थी। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और दिनेश भट्ट की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से इस केस में दायर तीसरी याचिका खारिज की। बेंच ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के फैसले को नहीं बदल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों से कहा गया था कि वे गवाही पूरी होने या आदेश पारित होने की तारीख से एक साल की अवधि पूरी होने, इनमें से जो भी पहले हो, उसके बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर उपजे विरोध प्रदर्शन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। उमर खालिद और शरजील इमाम पर दिल्ली पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड होने के आरोप लगाए हैं। एक्टिविस्ट खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन जैसे अन्य लोगों पर भी वृहत साजिश केस में आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है।

2020 में हुई थी गिरफ्तारी इससे पहले निचली अदालत ने भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज की हैं, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। इमाम को इस मामले में 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में इन याचिकाओं का विरोध करते हुए दावा किया कि दोनों दंगों के 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं।

अक्टूबर में इमाम को मिलेगी 7 दिन की राहत दिल्ली हाई कोर्ट में नियमित जमानत की याचिका खारिज हो गई है, लेकिन शरजील इमाम को 4 अक्टूबर को 7 दिनों के लिए जेल से बाहर आने का मौका मिलेगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने इमाम को अंतरिम जमानत दी है। एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए इमाम को 4 से 10 अक्टूबर तक जेल से निकलने की इजाजत दी गई है।

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