Gyanesh Kumar News: एक कहावत है कि 'दुश्मन के दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं।' बंगाल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार झेलने के बाद सत्ता से बेदखल होने वाली ममता बनर्जी और वर्षों से अपनी वजूद की लड़ाई लड़ रहे वामपंथी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होते दिख रहे हैं। खबर है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सीपीआईएम के बीतचीत के रास्ते खुलने लगे हैं। दोनों दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में है। आपको बता दें कि दोनों पार्टियां विपक्षी गुट INDIA की संस्थापक सदस्य हैं, लेकिन अब तक दोनों ने औपचारिक बातचीत से परहेज किया था।
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि ममता बनर्जी और CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने शुक्रवार को फोन पर बात की। दोनों के बीच विपक्षी पार्टियों को एक साथ आने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक कैंपेन शुरू करने की जरूरत पर चर्चा हुई। सूत्रों ने यह भी बताया कि ममता बनर्जी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी बात की है और अगले ही हफ्ते इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की अपील की है।
गैर भाजपा दलों को लिखा पत्र इससे ठीक दो दिन पहले CPI(M) महासचिव के ममता और इंडिया गठबंधन के साथ-साथ दूसरे दलों के नेताओं को पत्र लिखा था। सबसे हैरानी की बात है कि ममता बनर्जी ने गुरुवार को लेफ्ट को जवाब दिया और उनसे इस बात पर सहमति जताई कि सच में एक बहुत बड़ी स्थिति बन गई है।
पत्र में क्या-क्या कहा? लेफ्ट नेता ने 23 सितंबर को लिखा था, “आप जानते हैं 23 सितंबर 2026 को इंडियन एक्सप्रेस में चुनाव आयोग पर एक बड़ी खबर छपी थी। इससे पता चलता है कि चुनाव आयोग किस तरह से तानाशाही तरीके से काम कर रहा है। यह सच में एक बहुत बड़ी स्थिति है जिसमें चुनाव आयोग और हमारे लोकतंत्र की विश्वसनीयता दांव पर लगी है। चुनाव आयोग ने अपने कामकाज को लेकर हमारे उठाए गए सभी एतराजों को नजरअंदाज कर रहा है और SIR प्रोसेस को आगे बढ़ा रहा है। 13 करोड़ से ज्यादा वोटर्स को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।”
जल्द से जल्द इंडिया गठबंधन की बैठक बुलानी चाहिए CPI(M) नेता ने कहा कि लोग लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वोट देने के अधिकार के महत्व को बचाने के लिए विपक्ष की तरफ देख रहे हैं। विपक्षी पार्टियां मिलने के लिए आपसी सहमति से तारीख और जगह तय कर सकती हैं और इस पर चर्चा कर सकती हैं कि इस अजीब स्थिति का कैसे जवाब दिया जाए। सूत्रों ने बताया कि बेबी ने बीआरएस, आम आदमी पार्टी, डीएमसे, विजय की पार्टी टीवीके, बीजेडी और कॉकरोच जनता पार्टी जैसी पार्टियों को भी पत्र लिखा है। लेफ्ट नेता ने ममता बनर्जी से कहा कि जल्द से जल्द इंडिया गठबंधन की बैठक बुलानी चाहिए और एक साझा रणनीति तैयार करनी चाहिए।
आपको बता दें कि अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियों ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है। कॉकरोच जनता पार्टी ने तो 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जिसकी मियाद आज खत्म हो रही है। इसके बाद 2 अक्तूबर से पूरे देश में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

