Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है। एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा सांसद और यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके कपिल सिब्बल का एक पुराना भाषण शेयर कर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाया है। रिजिजू ने कहा कि उन्हें वैसे तो कपिल सिब्बल पसंद नहीं है, लेकिन पहली बार पसंद आए हैं। उन्होंने इसका कारण भी बताया।
रिजिजू ने कपिल सिब्बल का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वे हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों का बचाव करते हुए पाए जाते हैं। लेकिन पहली बार मुझे वे पसंद आए हैं, क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के तौर पर संसद में दिए गए अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी 'वोट चोरी' वाले ड्रामे का पर्दाफाश किया है!''
क्या कहा था कपिल सिब्बल ने? रिजिजू का दावा है कि कपिल सिब्बल का संसद में दिया गया यह भाषण बतौर कानून मंत्री वाला है। इस वीडियो में सिब्बल को कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया तीन श्रेणियों के अंतर्गत आती है। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति ने अपना निवास स्थान एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित कर लिया है तो उसका नाम पुराने क्षेत्र से हटा दिया जाएगा। वह मतदाता बना रहेगा, लेकिन किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में। उसका नाम दो जगह नहीं रह सकता है। उसने अपना निवास स्थान बदल लिया हो, लेकिन उसका नाम मतदाता सूची में पुराने निर्वाचन क्षेत्र में भी बना रहे और नए निर्वाचन क्षेत्र में भी दर्ज हो जाए। ऐसी स्थिति में उनमें से एक नाम रद्द करना होगा। यदि किसी व्यक्ति का निधन हो गया हो तो ऐसी स्थिति में भी उसका नाम हटाना पड़ता है।''
वह आगे कहते हैं, ''यदि किसी व्यक्ति की कोई व्यक्तिगत शिकायत है तो मुझे लगता है कि माननीय सदस्य को पीड़ित व्यक्तियों से चुनाव आयोग से संपर्क करने और कमियों को उजागर करने के लिए कहना चाहिए। वे यह भी बता सकते हैं कि वे ईआरओ के पास जाने और खुद को रजिस्टर्ड कराने के हकदार हैं। यदि उनका नाम हट भी गया है तो यह उन्हें फिर से रजिस्टर होने से नहीं रोका जा सकता है। वे ईआरओ के पास जा सकते हैं और अनुरोध कर सकते हैं।''
सिब्बल इस वीडियो में कहता है, ''5 जुलाई से 2 अगस्त (वीडियो से वर्ष का पता नहीं चल सका है) के बीच 6,44,105 लोगों ने मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया है। मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है और यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। किसी भी दिए गए वर्ष की एक तारीख के आधार पर तय होती है। इसलिए पूरे वर्ष मतदाता सूची बदलती रहती है। इसलिए जिन व्यक्तियों के नाम गलती से हटा दिए गए हैं वे अभी भी ईआरओ के पास जा सकते हैं और कह सकते हैं कि कृपया हमें शामिल करें, यह हमारा पता है, हम यहां रहते हैं, आपने इसे गलती से हटा दिया है। उस सूची को सही कर दिया जाएगा।"

