बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में नंबर दो की पोजीशन दे दी। इसके साथ ही बसपा ने परिवारवाद पर एक तरह से यह कहने की कोशिश की कि इसमें भाई-बहन और उनका करीबी परिवार नहीं आता है अगर वो बिना लोभ के पार्टी की सेवा करना चाहें। पार्टी ने कहा कि रिश्ते के भाई-बहन या उनके करीबी परिवार के लोग यदि सहयोग करना चाहें तो बिना किसी लोभ के पार्टी संगठन में रहकर काम जरूर कर सकते हैं। मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और अब तक घोषित प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में ईशान को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाए जाने का ऐलान किया गया। इससे पहले यह जिम्मेदारी मायावती ने बड़े भतीजे आकाश आनंद को दी थी। पिछले दिनों आकाश से यह जिम्मेदारी छीनने के साथ ही पार्टी से भी बाहर कर दिया था।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कुछ समय के लिए ईशान को भी पार्टी से बाहर किया था। उनकी जगह अपनी भतीजी दीपिका आनंद को जिम्मेदारी देने की बात की थी लेकिन पिछले दिनों उन्होंने एक बार फिर अपना फैसला बदलते हुए आकाश और दीपिका दोनों के लिए पार्टी में नो एंट्री लागू कर दी और ईशान की दोबारा वापसी हुई। अब उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी है। इस दौरान परिवारवाद के आरोपों को लेकर बुधवार की मीटिंग के बाद बसपा की ओर से जारी विज्ञप्ति में सफाई दी गई।
बसपा की विज्ञप्ति में कहा गया कि जहां तक भारतीय राजनीति में चर्चित परिवारवाद का मामला है तो पार्टी इससे हमेशा पाक-साफ रही है। बसपा के जन्मदाता और संस्थापक कांशीराम ने बाबा साहब डा.भीमराव आंबेडकर के नकशेकदम पर चलते हुए, काफी सख्त नियम या उसूल शुरू से ही बनाया हुआ था। इस नियम के अनुसार उनका अपना कोई निजी परिवार नहीं है। समस्त बहुजन समाज ही उनका वृहद परिवार है, जिसको शोषित से शासक वर्ग बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करना है ताकि वे सदियों की गुलामी और लाचारी के जीवन से निकलकर औरों की तरह ही आत्म सम्मान का जीवन जी सकें।
विज्ञप्ति में आगे कहा गया है- किन्तु रिश्ते के भाई-बहन और उनके करीबी परिवार के लोग अगर सहयोग करना चाहें तो बिना किसी लोभ के पार्टी संगठन में रहकर काम जरूर कर सकते हैं, जिस पर वे स्वयं आजीन अडिग रहे और मेरी (मायावती) भी यही प्रतिज्ञा है।
मोह जाल से मुक्त होकर लक्ष्य पर ध्यान देना है बुधवार को बसपा के प्रदेश कार्यालय पर आयोजित इस बैठक में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने में वर्तमान में जो चुनौतियां हैं वो किसी पार्टी विशेष से नहीं बल्कि विरोधी पार्टियों की ओर से साम, दाम, दंड, भेद आदि अनेकों घिनौने हथकंडे औैर षड़यंत्र करते हुए चौतरफा हमला करना है। उन्होंने कहा कि हमें सभी प्रकार के मोह जाल, रिश्ते-नातों और निजी स्वार्थ से मुक्त होकर बस सरकार बनाने के लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने चुनावी सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं-नेताओं से पूरी ईमानदारी और निष्ठा से जुटने का आह्वान किया।

