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राजस्थान निकाय चुनाव: आप के सहारे भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़ा, बनाई सरकार

पिड़ावा नगरपालिका में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी आप के समर्थन से भाजपा का बोर्ड बना।

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राजस्थान के पिड़ावा नगरपालिका में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद, आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा को समर्थन देकर अपना बोर्ड बनाने में मदद की, जिससे भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़ दिया।

मुख्य बातें

  • पिड़ावा नगरपालिका में कांग्रेस ने सर्वाधिक 8 वार्ड जीते।
  • भाजपा के छह पार्षद जीते, जबकि आप ने पांच सीटें जीतीं।
  • भाजपा प्रत्याशी राजू माली ने आप और एक निर्दलीय के समर्थन से जीत हासिल की।
  • कांग्रेस से असंतुष्ट नेता आप में शामिल होकर चुनाव जीते थे।
  • आप और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी के झंडे लहराते हुए और लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजस्थान के पिड़ावा नगरपालिका में हुए निकाय चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा।

अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ दिल्ली, पंजाब, गोवा, गुजरात समेत देशभर में जिस तरह का कट्टर विरोध है, उसे देखते दोनों दलों में किसी तरह की मिलाप की कल्पना भी कठिन है। लेकिन राजस्थान में ऐसा ही एक चौंकाने वाला समीकरण सोमवार को निकाय चुनाव में देखने को मिला। जयपुर से करीब 380 किलोमीटर दूर झालावाड़ जिले के पिड़ावा नगरपालिका में भाजपा ने 'आप' के सहयोग से कांग्रेस को पछाड़कर अपनी 'लोकल सरकार' बना ली। कांग्रेस सबसे बड़ा दल होने के बावजूद हाथ मलती रह गई।

कैसे हुए यह खेला राजस्थान के 309 निकायों में हुए चुनाव में 'आप' ने कई जगह अच्छा प्रदर्शन किया। बारां नगर परिषद में तो अरविंद केजरीवाल की पार्टी बहुमत तक पहुंचने में कामयाब रही और अब शीतल राठौर ने सभापति का चुनाव जीतकर राजस्थान में पहली बार किसी निकाय में 'आप' की सरकार बन गई है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी झालावाड़ जिले की पिड़ावा नगरपालिका में भी पांच सीटें जीतकर निर्णायक भूमिका में आ गई। 20 सीटों वाली निकाय में कांग्रेस ने सर्वाधिक 8 वार्ड में चुनाव जीता था, जबकि भाजपा के छह पार्षद जीते और एक वार्ड निर्दलीय को मिला।

सोमवार को जब चेयरमैन चुनाव का समय आया तो माना जा रहा था कि कांग्रेस बहुमत जुटा सकती है। लेकिन बाजी मारी भाजपा प्रत्याशी राजू माली ने जो 4 वोट के अंतर से आगे रहे। वह 'आप' के पांच और एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

कांग्रेस से टूटकर आप में गए थे नेता पिड़ावा नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर आपसी कलह देखने को मिली थी। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कई नेता 'आप' में चले गए। इनमें से पांच चुनाव भी जीतने में कामयाब रहे। माना जा रहा था कि चेयरमैन चुनाव में ये पार्षद कांग्रेस का साथ दे सकते हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा का समर्थन बेहतर समझा।

केजरीवाल ने कसा तंज तो कांग्रेस का पलटवार राजस्थान निकाय चुनावों में हुए उलटफेर को लेकर 'आप' और कांग्रेस ने एक दूसरे पर तंज कसा है। पाली में कांग्रेस में हुए क्रॉस वोटिंग की वजह से भाजपा को मिली जीत की खबर साझा करते हुए जहां केजरीवाल ने इशारों में तंज कसा तो कांग्रेस के पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए दिखाया कि किस तरह उनकी पार्टी ने भाजपा की मदद की है। खेड़ा ने कहा, 'भाजपा और 'आप' की मिलीभगत राजस्थान में फिर उजागर। कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के लिए आम आदमी पार्टी बनी भाजपा की 'बी-टीम'। बारां और झालावाड़ (पिड़ावा) में सामने आए घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आम आदमी पार्टी किस तरह भाजपा के इशारों पर काम कर रही है। बारां नगर परिषद में भाजपा की 'मदद' से बनी 'आप' की सभापति। पिड़ावा नगरपालिका-कांग्रेस को ज़्यादा वोट, फिर भी 'आप' के सहारे भाजपा का बोर्ड।'

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