Tata group Updates: टाटा समूह में चल रहे आपसी झगड़े का असर ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों पर भी दिख रहा है। आज शुक्रवार टाटा समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में 8 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल रही है। टीसीएस, टाटा मोटर्स पैसेंजर्स लिमिटेड, टाटा स्टील्स, टाटा केमिकल्स, ट्रेंट लिमिटेड, टाटा एलेक्सी के शेयरों में बिकवाली देखी जा रही है।
टाटा केमिकल्स का शेयर 8 प्रतिशत लुढ़का (tata chemicals Share price) इस कंपनी का शेयर आज बीएसई में 735.70 रुपये के स्तर पर खुला था। कंपनी के शेयर मार्केट ओपनिंग के कुछ देर के बाद 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 718 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। ट्रेंट लिमिटेड का शेयर 1 प्रतिशत नीचे आ गया है। टाटा एलेक्सी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है।
टीसीएस में करीब 4% की गिरावट (TCS Share price) टाटा केमिकल्स के बाद सबसे अधिक बिकवाली टीसीएस में देखने को मिली है। आज शुक्रवार को यह स्टॉक बीएसई में 2179.50 रुपये के स्तर पर खुला था। दिन में कंपनी के शेयरों का दाम 2116 रुपये के स्तर पर आ गया। टाटा मोटर्स पैसेंजर्स में 3 प्रतिशत, टाटा स्टील में 1.20 प्रतिसत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है।
चंद्रशेखरन को लेकर छिड़ी रार टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को एन. चंद्रशेखरन को कार्यकारी चेयरमैन के रूप में एक और कार्यकाल के लिए फिर से निुयक्त करने को मंजूरी देने के साथ कंपनी को शेयर बाजार में लिस्टेड करने की दिशा में कदम उठाने का भी फैसला किया। हालांकि, टाटा संस में निर्णायक हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए मतदान को 'अमान्य' करार दिया।
निदेशक मंडल की करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बयान जारी किए गए। चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर मतदान को लेकर भी मतभेद सामने आया। टाटा ट्रस्ट ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की कानूनी राय का हवाला देते हुए कहा कि यह मतदान कानूनी रूप से अमान्य था।
टाटा संस में संबद्ध ट्रस्टों के साथ करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट ने बोर्ड के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि चंद्रशेखरन का पद छोड़ने का मौलिक निर्णय 'विधिवत स्वीकार किया जा चुका था और अंतिम हो चुका था'। ट्रस्ट ने कहा कि उसने टाटा संस को उत्तराधिकारी चुनने के लिए चयन समिति के गठन का निर्देश भी दे दिया था।
चंद्रशेखरन ने दे दिया था इस्तीफा एन चंद्रशेखरन ने पिछले महीने कहा था कि वह 20 फरवरी, 2027 को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक और कार्यकाल नहीं चाहते हैं। बोर्ड में उनके कार्यकाल के विस्तार पर सर्वसम्मति नहीं बन पाने के बाद यह बयान आया था। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से बचने के प्रयास को खारिज कर दिए जाने के बाद पूरा घटनाक्रम बदल गया।
(भाषा के इनपुट के साथ)
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