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अमेरिकी नागरिक वैनडाइक भारत से रवाना, NIA ने नहीं रोका; UAPA जांच जारी

दिल्ली की अदालत ने वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को विदेश जाने की अनुमति दी.

झटपट समझें

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक भारत से अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं, क्योंकि दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और 6 यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने-अपने देशों में जाने की अनुमति दे दी है, हालांकि उनके खिलाफ UAPA के तहत जांच अभी जारी है.

मुख्य बातें

  • अमेरिकी नागरिक वैनडाइक शुक्रवार शाम वॉशिंगटन के लिए रवाना हुए.
  • NIA ने वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को भारत में रहने पर जोर नहीं दिया.
  • UAPA के तहत जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होना होगा.
  • NIA का आरोप है कि इन्होंने म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर की ट्रेनिंग दी थी.
  • कांग्रेस ने वैनडाइक की रिहाई पर सवाल उठाए और अमेरिकी दबाव का आरोप लगाया है.
एक सैनिक रेगिस्तानी सड़क पर एक मशीन गन के साथ सेल्फी ले रहा है, जिसके पीछे अन्य सैनिक और वाहन हैं।
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक के भारत से रवाना होने की खबर पर विस्तृत जानकारी.

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक 'आजाद पंक्षी' की तरह भारत से उड़ गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को जांच पूरी होने तक भारत में ही रहने पर जोर ही नहीं दिया। हालांकि, उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत जांच अभी जारी है। दिल्ली की एक अदालत ने सातों को एक महीने के लिए अपने-अपने देशों में जाने की अनुमति दे दी है। अदालत के आदेश के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर इन सभी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए NIA की जांच में शामिल होना होगा। उन्हें अपना पता, फोन नंबर और ईमेल जैसी संपर्क संबंधी जानकारी भी देनी होगी।

वैनडाइक शुक्रवार शाम अमेरिका रवाना हुआ अदालत से अनुमति मिलने के बाद वैनडाइक शुक्रवार शाम वॉशिंगटन के लिए रवाना हो गया। उसने 21 अक्टूबर को भारत लौटने की फ्लाइट बुक की है। NIA की ओर से अदालत में पेश विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने कहा कि एजेंसी के निर्देश के मुताबिक UAPA की जांच पूरी होने में अभी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान आरोपियों से जरूरी अंडरटेकिंग और उनका आवासीय पता व संपर्क विवरण लिया जा सकता है। अदालत ने भी अपने आदेश में कहा कि NIA ने यह दलील नहीं दी कि जांच पूरी करने के लिए वैनडाइक और अन्य आरोपियों की तत्काल भारत में भौतिक मौजूदगी जरूरी है।

तीन महीने तक ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग देने का आरोप NIA का आरोप है कि वैनडाइक और छह अन्य लोगों ने करीब तीन महीने तक म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों के सदस्यों को ड्रोन वॉरफेयर, ड्रोन ऑपरेशन, ड्रोन असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग दी। एजेंसी के मुताबिक, इन समूहों में चिन नेशनल फ्रंट (CNF) और काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) शामिल थे।

NIA ने यह भी दावा किया था कि वैनडाइक और अन्य लोगों को CNF के सदस्यों से लॉजिस्टिक मदद मिली थी और इस मिशन के लिए म्यांमार स्थित एक विद्रोही समूह के कमांडर द्वारा जुटाए गए फंड का इस्तेमाल किया गया था।

हालांकि, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कथित गतिविधियां म्यांमार में हुई थीं, इसलिए वहां से सबूत हासिल किए बिना कथित आतंकी साजिश को निर्णायक रूप से स्थापित करना मुश्किल है। अधिकारी के मुताबिक, इसी वजह से UAPA जांच पूरी करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय करना मुश्किल है।

इमिग्रेशन कानून के तहत पहले ही हो चुके हैं डिस्चार्ज NIA ने 8 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने हर आरोपी पर 5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर मामले का निपटारा कर दिया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामले से डिस्चार्ज कर दिया और डिफॉल्ट बेल दे दी।

गुरुवार रात तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद उनकी भारत से वापसी की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसमें FRRO से एग्जिट परमिट लेना भी शामिल था, क्योंकि मार्च में गिरफ्तारी के बाद उनके यात्रा दस्तावेजों की वैधता खत्म हो गई थी।

कौन-कौन से यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार हुए थे? वैनडाइक को UAPA की धारा 18 के तहत कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। यह धारा आतंकी कृत्य को लेकर साजिश, वकालत, मदद या उकसावे से संबंधित है। छह यूक्रेनी नागरिकों को उसी दिन दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। इनके नाम हैं:

हुर्बा पेट्रो तारास स्लिवियाक इवान सुखमानोव्स्की मारियान स्टेफानकिव मैक्सिम होंचारुक विक्टर कामिन्स्की

NIA का पहले आरोप था कि इन सातों ने बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश किया और म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों के लिए ड्रोन से जुड़ी ट्रेनिंग के एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

वैनडाइक की रिहाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल सातों को भारत से बाहर जाने की अनुमति मिलने के बाद इस मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया। कांग्रेस ने वैनडाइक की रिहाई की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।

कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इस फैसले के पीछे अमेरिकी दबाव की भूमिका थी। उन्होंने सवाल किया कि भारत को इसके बदले क्या मिला और सातों लोगों को वीजा कैसे मिला तथा उन्हें भारत के रास्ते म्यांमार जाने की अनुमति कैसे दी गई। हालांकि, NIA के प्रवक्ता ने एजेंसी के इस रुख और कांग्रेस के आरोपों से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया।

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