अभिजीत दीपके, जिन्हें कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक बताया गया है, ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न 'जोड़ा फूल' को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें भाजपा का पट्टा पहनकर सीधे पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए।
दीपके ने चुनाव आयोग पर विपक्ष की पार्टियों को खत्म करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सारी पार्टियों को एक साथ खत्म कर दें। विपक्ष की जितनी भी पार्टियां हैं, सारी एकसाथ खत्म कर दो आप। सभी जितने भी चुनाव चिह्न हैं उनके, एकसाथ फ्रीज कर दो। एक ही पार्टी को अनुमति दो, एक ही पार्टी चुनाव लड़ेगी, एक ही पार्टी चुनाव जीतेगी। काम आसान हो जाएगा ज्ञानेश कुमार जी का।'
पश्चिम बंगाल में दो बड़ी सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने हैं। टीएमसी के दो गुटों में चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बाद मामला चुनाव आयोग पहुंचा, जिसने टीएमसी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया। दोनों गुटों से अलग पहचान चुनने के लिए कहा गया।
ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को अपना नया चुनाव चिह्न 'फुटबॉल खिलाड़ी' और नाम 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' जारी किया। वहीं, दूसरे गुट का नाम 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और चुनाव चिह्न 'लिफाफा' आवंटित किया गया है।
चुनाव चिह्न से जुड़ा यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां ममता बनर्जी गुट ने तत्काल सुनवाई के लिए याचिका दायर की है। एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा, 'वे एक अधिसूचना जारी करते हैं और अधिसूचना के बीच में ही चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा देते हैं। यह क्या हो रहा है? हम इस पर तत्काल सुनवाई चाहते हैं।'
यह पहली बार नहीं है जब टीएमसी में टूट देखी गई है। इससे पहले विधायक दल के बाद पार्टी के सांसदों ने भी ममता बनर्जी से अलग होकर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया था। हाल ही में ऐसी अटकलें भी थीं कि 17 सांसद भाजपा में जा सकते हैं, हालांकि इन दावों को दोनों पक्षों ने खारिज कर दिया था।

