केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर की पुलिस एजेंसियों से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करने और भारत को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम करने का आह्वान किया है। यह जानकारी 22 अक्टूबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दी गई है।
नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई पर जोर
गृह मंत्री ने पुलिस बलों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क और तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई मजबूत करने को कहा। इस प्रयास में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल अहम हो सकता है।
युवाओं को जागरूक करने पर भी जोर
नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानून प्रवर्तन पर्याप्त नहीं है। जागरूकता अभियान, परिवारों की भागीदारी और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार तथा पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
आम जनता के लिए इसका क्या महत्व है?
नशे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण से युवाओं को मादक पदार्थों से बचाने और इससे जुड़े अपराधों को रोकने में मदद मिल सकती है। हालांकि, 2029 तक नशामुक्ति का लक्ष्य हासिल करने की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि कार्रवाई, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के उपाय कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।
प्रकाशित: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 3:58 PM IST

