वैभव सूर्यवंशी के चयन पर गंभीर का बयान: 'मेरा काम सबको खुश करना नहीं'

गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल न करने पर अपनी रणनीति साफ की।

एक युवा क्रिकेटर और एक पुरुष क्रिकेटर नीले रंग की जर्सी पहने हुए हैं।
गौतम गंभीर ने भारतीय टी20 टीम में युवा खिलाड़ियों के चयन और टीम प्रबंधन पर अपनी राय व्यक्त की।
मुख्य बातें

गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में शामिल न करने के फैसले पर कहा कि उनका काम लोकप्रिय फैसले लेना नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में उन खिलाड़ियों को सुरक्षा देना है जिन्होंने लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन किया है।

  • वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में कम मौके मिल रहे हैं, उन्होंने अब तक केवल 10 मैच खेले हैं।
  • न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें ईशान किशन के चोटिल होने पर 2 मैच खेलने का मौका मिला।
  • ईशान किशन के फिट होते ही वैभव को फिर से टीम से बाहर कर दिया गया।
  • गौतम गंभीर ने कहा कि उनका काम 'सबको खुश करना' या 'पॉपुलर फैसले लेना' नहीं है।
  • गंभीर का मानना है कि उनका काम उन खिलाड़ियों को सुरक्षा देना है जिन्होंने लंबे समय तक प्रदर्शन किया है।

वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में ज्यादा मौके नहीं मिल रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू करने वाले इस 15 साल के युवा खिलाड़ी ने अभी तक मात्र 10 ही मैच खेले हैं। टॉप ऑर्डर में जगह ना होने की वजह से वैभव अकसर बेंच गर्म करते हुए ही नजर आते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें मात्र दो मैच खेलने का मौका मिला, वो भी तब जब ईशान किशन चोटिल हुए। जैसे ही ईशान फिट हुए तो वैभव सूर्यवंशी को फिर से टीम से बाहर कर दिया गया। सीरीज में अजेय बढ़त बनाने के बावजूद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने उन्हें प्लेइंग XI में मौका नहीं दिया। गंभार का कहना है कि उनका नाम पॉपुलर फैसले लेना और खिलाड़ियों को खुश करना नहीं है, बल्कि ड्रेसिंग रूम में उन खिलाड़ियों को सिक्योरिटी प्रदान करना है जिन्होंने लंबे समय से प्रदर्शन किया है। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड 5वें टी20 से पहले गंभीर ने इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने बिना वैभव सूर्यवंशी का नाम लिए यह बात कही। आइए जानते हैं उन्होंने इंटरव्यू में क्या-क्या कहा-

IND vs NZ सीरीज में इंडिया की परफॉर्मेंस से उन्हें सबसे ज्यादा क्या खुशी हुई?

जाहिर है, यह बहुत कम समय में हुआ। हमने 17 तारीख को मैच खत्म किया, 18 तारीख को फ्लाइट पकड़ी। जाहिर है, हमारा एक प्रैक्टिस सेशन था। लड़कों को यह बताना होगा कि उन्होंने हालात के हिसाब से खुद को कैसे ढाला। जाहिर है, बहुत सारे लड़के पहली बार यहां आ रहे हैं। और हम सब जानते हैं कि न्यूजीलैंड अपने ही घर में कितना खतरनाक है।

3-0 की बढ़त लेने के बाद प्लेयर्स को मोटिवेटेड रखने और लापरवाही से बचने पर

जाहिर है, जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं, तो कोई लापरवाही नहीं होती। जाहिर है, यह एक इंटरनेशनल गेम है। हर कोई जानता है कि कितने कम खास लोगों को देश को रिप्रेजेंट करने का मौका मिलता है। मेरे लिए, मुझे लगता है कि हर गेम कुछ अलग करने, कुछ सीखने, आगे बढ़ने का मौका है। और हम गेम को ठीक इसी तरह देखते हैं। मुझे लगता है कि मेरी सोच में कोई कमी नहीं है और ठीक यही बात कमरे में भी है।

एक मजबूत टीम को मैनेज करने और खिलाड़ियों को खुश रखने पर

सबसे पहले, मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, पॉपुलर फैसले नहीं। और मैं इसी के लिए हूं। मुझे लगता है कि कभी-कभी आज के जमाने में जब इतना सोशल मीडिया और इतनी सारी बातें होती हैं, तो बाहर क्या होता है। नहीं, पॉपुलर फैसला लेना बहुत आसान है। लेकिन मेरे लिए, मुझे लगता है कि जरूरी बात सही फैसला लेना और यह पक्का करना है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर काफी सिक्योरिटी हो। क्योंकि जैसा कि आपने अभी कहा कि बहुत टैलेंट है। लेकिन फिर से, मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने लंबे समय तक बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। जाहिर है, वे ज्यादा समय के हकदार हैं। और हम सीरीज को ठीक इसी तरह देखते हैं।

प्रकाशित: रविवार, 1 नवंबर 2026 | 1:13 PM IST

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