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CJP नेता रिहा, लेकिन कोर्ट ने लगाईं कड़ी शर्तें

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 1 साल तक शांति बनाए रखनी होगी।

झटपट समझें

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने रिहा कर दिया है, लेकिन उन्हें 50 हजार के श्योरिटी बॉन्ड और 1 साल के पीस बॉन्ड पर साइन करना पड़ा है, जिसके तहत उन्हें 1 साल तक शांति बनाए रखनी होगी।

मुख्य बातें

  • CJP के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को कोर्ट ने रिहा किया।
  • तीनों को 50 हजार के श्योरिटी बॉन्ड और 1 साल के पीस बॉन्ड पर साइन करना पड़ा।
  • कोर्ट ने तीनों को 1 साल तक शांति, कानून और व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
  • उन्हें पब्लिक गैदरिंग और अशांति नहीं करने के लिए कहा गया है।
  • दिल्ली पुलिस ने तीनों को विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया था।
  • 7 हजार प्रदर्शनकारियों को शनिवार रात तक रिहा कर दिया गया था।
तीन आदमी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे हैं, बीच वाला आदमी बोल रहा है और उंगली उठा रहा है।
CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को कोर्ट ने रिहा कर दिया है।

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने भले ही रिहा कर दिया, लेकिन तीनों की आगे की डगर इतनी आसान नहीं होने वाली। दरअसल, कोर्ट ने अपने आदेश से तीनों की मुश्किलें भी खड़ी कर दीं। कोर्ट ने साफ कहा है कि तीनों को शांति बनाए र

सीजेपी की ओर से शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन को पहले ही दिन तब बड़ा झटका लगा, जब सीजेपी की पूरी लीडरशिप को हिरासत में ले लिया गया। दीपके, रांका और सौरव दास मुंबई से जैसे ही विमान से दिल्ली में लैंड हुए, तुरंत दिल्ली पुलिस की एक टीम ने आकर फ्लाइट से ही तीनों को डिटेन कर लिया। सात हजार प्रदर्शनकारियों को शनिवार रात तक रिहा कर दिया गया, लेकिन तीनों नेताओं की रिहाई नहीं हो सकी। रविवार को तीनों को दिल्ली की एक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किया गया। वहां से तीनों की रिहाई के आदेश हुए।

कोर्ट की कौन सी शर्त दीपके-रांका और दास के लिए पैदा करेंगी मुश्किलें? अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करते हुए कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जोकि तीनों के लिए भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। तीनों से 50 हजार के श्योरिटी बॉन्ड और एक साल के पीस बॉन्ड पर साइन करवाया गया है। रिहाई के लिए जो सख्त हिदायतें दी गईं, उसमें तीनों नेताओं को पूरी तरह से शांति, कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने पब्लिक गैदरिंग और अशांति नहीं करने के लिए कहा है।

एक साल तक शांति नहीं भंग कर सकते तीनों नेता सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि एक साल तक वे शांति भंग नहीं करेंगे। ऐसे में अगर भविष्य में शांति भंग होती है तो तीनों नेताओं के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। वहीं, अपनी रिहाई को सीजेपी नेताओं ने बड़ी जीत बताया है। सीजेपी ने कहा कि कोर्ट ने दीपके, सौरव दास, रांका को दिल्ली पुलिस के 24 घंटे गैर कानूनी प्रिवेंटिव डिटेंशन के बाद रिहा कर दिया। आखिरकार दिल्ली पुलिस तीनों को रिहा करने के लिए मजबूर हुई। कॉकरोच कभी नहीं मरते। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने एक्स पर कहा था कि तीनों की सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रोकथाम के लिए गिरफ्तारियां की गईं और दिल्ली कैंट की एसईएम कोर्ट में पेश किया गया।

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