लाइव टीवी

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा ऐलान: अदालतों का फैसला नहीं मानेंगे

सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन की घोषणा की है।

झटपट समझें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है, और पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में अदालतों के किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे।

मुख्य बातें

  • कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
  • सीजेपी ने कहा है कि वे इस मुद्दे पर अदालतों के फैसले को नहीं मानेंगे।
  • सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने अदालतों में दायर याचिकाओं का जिक्र किया।
  • सौरभ दास ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की।
  • सीजेपी ने 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
  • आंदोलन की शुरुआत दिल्ली से पहले देशभर के अलग-अलग शहरों में होगी।
एक युवा व्यक्ति और भारत के सर्वोच्च न्यायालय की इमारत का एक स्प्लिट-स्क्रीन दृश्य।
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन का ऐलान करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कहा है कि वह इस मुद्दे पर अदालतों की बात भी सुनने को तैयार नहीं। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालते चाहें जो भी फैसला करें, लेकिन ज्ञानेश कुमार पर वह अपनी राह ही चलेंगे।

डेंगू से पीड़ित सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में साफ कर दिया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का फैसला टलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, 'चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के 'खिलाफ' कई याचिकाएं हाई कोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा रही हैं। लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि जब पिछली बार नागरिकों ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया तो क्या हुआ।'

दास ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की और कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने सुनिश्चित किया कि चाहे जैसे भी, चुनाव से कुछ महीने पहले बंगाल में SIR हुआ। जब बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम हटाए जाने को नजरअंदाज करना असंभव हो गया तो जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने असाधारण टिप्पणी की कि जो इस बार वोट नहीं दे पाए अगली बार दे सकते हैं। कौन उन्हें बताएगा कि संभवत: चोरी हुए चुनाव में 'अगली बार' कभी नहीं आता।'

सौरभ दास ने कहा- अदालतों को जो फैसला देना है, दें पर हम… दास ने इसके बाद साफ कहा कि अदालत जो भी कहे या फैसला करे, वह प्रभावित नहीं होंगे। सीजेपी के सह संयोजक ने कहा, 'चूंकि अदालतें संवैधानिक संस्थाएं हैं। उन्हें ज्ञानेश के खिलाफ याचिका जितनी बार सुननी है, सुनने दीजिए। उन्हें देने दीजिए जो भी आदेश देना चाहें। लेकिन ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की हमारी लोकतांत्रिक मांग अदालतों को नहीं सौंपी जाएगी। लोग फैसला करेंगे। क्योंकि अंतत: ना तो चुनाव आयोग और ना ही जज का लोकतंत्र पर मालिकाना हक है, हम लोगों का है।'

2 अक्टूबर से आंदोलन का है ऐलान कॉकरोज जनता पार्टी ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे की मोहलत दी थी। अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। बाद में दीपके ने 2 अक्टूबर से आंदोलन की घोषणा की। सीजेपी ने कहा है कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले देशभर में अलग-अलग शहरों में आंदोलन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर को होगी। सीजेपी मुंबई में प्रदर्शन के लिए इजाजत लेने की प्रक्रिया में है।

यह खबर शेयर करें

WhatsAppXFacebook