दिल्ली-NCR में रविवार को बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल गया। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में रात से सुबह तक बारिश होने की खबर है। नोएडा के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और सुबह-शाम ठंड का एहसास बढ़ने लगा है।
मौसम में इस बदलाव का असर केवल राजधानी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, 25 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में बारिश की संभावना बनी हुई है। NDTV की रिपोर्ट में न्यूनतम तापमान लगभग 16–17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30–32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान दिया गया है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तापमान और बारिश में अंतर हो सकता है।
बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने और कुछ मार्गों पर यातायात धीमा पड़ने की आशंका रहती है। वाहन चालकों को सावधानी से चलना चाहिए और घर से निकलने से पहले मौसम तथा ट्रैफिक की स्थिति जाँच लेनी चाहिए।
किन राज्यों में बारिश की संभावना?
मौसम संबंधी रिपोर्टों में इन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है:
उत्तर प्रदेश और बिहार: कुछ इलाकों में बारिश की संभावना।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: बारिश और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा: सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण तेज बारिश का खतरा।
इन सभी राज्यों में एक जैसी स्थिति नहीं होगी। जिलेवार चेतावनियों और वर्षा की तीव्रता के लिए IMD का ताजा बुलेटिन देखना जरूरी है।
क्या बारिश से प्रदूषण कम होगा?
बारिश हवा में मौजूद कुछ धूलकणों को नीचे बैठाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इससे प्रदूषण स्थायी रूप से खत्म नहीं होता। बारिश रुकने के बाद हवा की गति, स्थानीय उत्सर्जन और अन्य मौसमी परिस्थितियों के अनुसार AQI फिर बढ़ सकता है।
इसलिए केवल बारिश देखकर यह मान लेना उचित नहीं होगा कि दिल्ली की हवा पूरी तरह साफ हो गई है। बाहर निकलने से पहले मौजूदा AQI की जाँच करें।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से बचें।
बिजली चमकने पर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
लंबी यात्रा से पहले मौसम और यातायात की ताजा जानकारी लें।
किसानों को खेतों में कटाई, सुखाने और भंडारण से जुड़े काम स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार करने चाहिए।
प्रकाशित: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 | 1:58 PM IST

