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चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार के विवाद के बीच एक और अधिकारी पर सवाल

चुनाव आयुक्तों ने वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के एक फैसले पर उठाए सवाल, मामला पहुंचा कैबिनेट सचिव तक

झटपट समझें

चुनाव आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के एक फैसले पर दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए हैं, जिससे आयोग के भीतर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

मुख्य बातें

  • दो चुनाव आयुक्तों ने वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के एक आदेश पर आपत्ति जताई है।
  • यह मामला आईटी महानिदेशक की फाइलों की समीक्षा से जुड़ा था।
  • चुनाव आयोग ने इसे नीतिगत विवाद न बताकर एक अधिकारी के आचरण से जुड़ा मामला कहा है।
  • चुनाव आयोग के अनुसार, मनीष गर्ग का आदेश कभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ।
  • कैबिनेट सचिव ने शिकायतों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेज दिया है।
तीन अधिकारी भारत के चुनाव आयोग के लोगो के सामने बैठे हैं।
चुनाव आयोग के भीतर एक अधिकारी के कामकाज को लेकर विवाद गहराता दिख रहा है।

एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद से चुनाव आयोग (EC) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग तेज हो चुकी हैं। यह विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ है कि चुनाव आयोग के भीतर एक और अधिकारी के कामकाज को लेकर विवाद गहराता दिख रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई महीने में दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखकर वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) मनीष गर्ग के एक फैसले पर सवाल उठाए थे।

यह मामला चुनाव आयोग के आईटी महानिदेशक (DG-IT) सीमा खन्ना की फाइलों की समीक्षा से जुड़ा है। मनीष गर्ग ने एक आदेश जारी कर डीजी (आईटी) की फाइलों को उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार के पास भेजे जाने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया था। दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपने पत्र में लिखा कि संजय कुमार एक अनुभवी अधिकारी हैं और उन्हें चुनाव प्रक्रिया की गहरी समझ है। ऐसे में आईटी विभाग के ऊपर से उनके स्तर की निगरानी हटाना नियमों का उल्लंघन है।

चुनाव आयोग की सफाई विवाद बढ़ने पर पिछले सप्ताह चुनाव आयोग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा था कि यह मामला किसी नीतिगत विवाद या आईटी विभाग के कामकाज से जुड़ा नहीं था बल्कि केवल आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के आचरण तक सीमित था। आयोग के अनुसार, मनीष गर्ग का आदेश कभी पूरी तरह लागू ही नहीं हुआ और आईटी विभाग पर उप चुनाव आयुक्त की निगरानी जारी रही।

आपको बता दें कि अगस्त में संजय कुमार अपने कैडर में वापस लौट गए। उनके जाने के बाद अब उनकी जिम्मेदारियां मनीष गर्ग ही संभाल रहे हैं। अब डीजी (आईटी) की फाइलें मनीष गर्ग के जरिए ही चुनाव आयुक्तों तक पहुंच रही हैं। सूत्रों के अनुसार, मनीष गर्ग ने दोनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पदक्रम से जुड़ा था, क्योंकि डीजी (आईटी) सीमा खन्ना को हाल ही में प्रमोट किया गया था। वह उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार से वरिष्ठ अधिकारी थीं।

कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने दोनों चुनाव आयुक्तों की शिकायतों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दिया है। हालांकि, सरकार का मानना है कि इसमें सीधी कार्रवाई करना चुनाव आयोग की स्वायत्तता में दखल देने जैसा हो सकता है।

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