दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट: तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अत्यधिक वर्षा की संभावना

मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को कई दक्षिणी राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।

बारिश में भीगी सड़क पर गाड़ियां चल रही हैं, और लोग सड़क के किनारे चल रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मुख्य बातें

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। यह उत्तर-पूर्वी मानसून की गतिविधियों के कारण है।

  • IMD ने 20 अक्टूबर को दक्षिण भारत में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में भी भारी बारिश की आशंका है।
  • बारिश की वजह उत्तर-पूर्वी मानसून की मौसमी गतिविधियां हैं।
  • दिल्ली में 20 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहेगा और तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
  • लोगों को नवीनतम मौसम बुलेटिन देखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम का असर स्थानीय यातायात और दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश की एक वजह उत्तर-पूर्वी मानसून की मौसमी गतिविधियां हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद भी देश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दिल्ली में इसके विपरीत 20 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और दिन का अधिकतम तापमान लगभग 31 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दिया गया है। इससे साफ है कि मौसम का असर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकता है।

प्रशासन और आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के नवीनतम मौसम बुलेटिन पर नजर रखें। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से बचें, बिजली चमकने पर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा यात्रा से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लें।

प्रकाशित: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 5:52 PM IST

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