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TCS पर राहुल गांधी के सवाल, चुनाव आयोग से तार जुड़े; अंदर की बात पूछी

कांग्रेस नेता ने फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर TCS से पूछे सवाल, चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए प्रश्न

झटपट समझें

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में कथित बदलाव को लेकर TCS से पूछा है कि कंपनी को यह बदलाव करने का आदेश किसने दिया और किसने इसे मंजूरी दी।

मुख्य बातें

  • राहुल गांधी ने TCS से पूछा कि फॉर्म 6 में बदलाव का आदेश किसने दिया।
  • कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि TCS में किसने इस बदलाव को मंजूरी दी।
  • चुनाव आयोग का कहना है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • विपक्षी गठबंधन INDIA अलायंस ने चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति पर चर्चा की।
  • कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने 2019 में अपने चुनाव में मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ अन्य लोग
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में कथित बदलाव को लेकर TCS पर सवाल उठाए हैं।

चुनाव आयोग के फॉर्म 6 को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज पर सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर इस बदलाव को करने के लिए कंपनी को किससे आदेश मिले थे। खास बात है कि ये पोस्ट ऐसे समय पर किया गया है, जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो रहा है। जबकि, आयोग का कहना है कि फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं।

राहुल गांधी ने पोस्ट किया, 'ऑनलाइन फॉर्म-6 को अवैध रूप से बदला गया था, जैसा कि निर्वाचन आयोग के अपने आयुक्तों ने रिकॉर्ड में दर्ज किया है।' उन्होंने सवाल किया, 'आयोग में किसने टीसीएस को यह बदलाव करने का आदेश दिया? टीसीएस में किसने इस पर हस्ताक्षर कर मंजूरी दी? और क्या उन पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला गया था?'

बदलाव की चर्चा हाल ही में प्रकाशित हुई इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में इस बदलाव का मुद्दा उठा था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के दोनों आयुक्तों ने इसपर आपत्ति जताई थी। इनमें सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम शामिल है। दावा किया गया था कि आयोग से जुड़े कई फैसलों पर दोनों आयुक्तों की तरफ से कई मौकों पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।

चुनाव आयोग बोला- नहीं बदला फॉर्म आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था, बल्कि एसआईआर के दौरान उसके साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था। आयोग का कहना है कि यह घोषणा एसआईआर से संबंधित आदेशों के तहत अतिरिक्त आवश्यकता थी और मूल वैधानिक फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया।

आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद कहा था कि एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा का इस्तेमाल एसआईआर अवधि तक किया जाना है और इसके बाद की अवधि में निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। उसने कहा कि इसके बाद उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई, जिनमें एसआईआर पूरा हो चुका है।

INDIA अलायंस की बैठक बुधवार को ही राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA अलायंस की मीटिंग हुई थी। उस बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गई है। खबर है कि विपक्ष अब 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकालने की तैयारी कर रहा है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की भी तैयारी की जा रही है।

पीटीआई के अनुसार, सूत्र बताते हैं कि राहुल ने चुनाव आयोग से जुड़े इस मामले में एकसाथ कार्रवाई की बात पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को 'इस रास्ते पर साथ चलना चाहिए' और एक दिन लोग उन्हें लोकतंत्र के रक्षक के रूप में याद करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़े अपने चुनावी अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें अपने ही चुनाव में 'ठगा' गया, जबकि वह इससे पहले कई चुनाव जीत चुके थे। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने आरोप लगाया कि 2019 में गुलबर्गा लोकसभा सीट से चुनाव हारने के दौरान उनके निर्वाचन क्षेत्र में करीब 1.9 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे।

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