प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका शाश्वत संदेश बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि बापू का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा की मिसाल था जो हर दौर में मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''बापू का शाश्वत संदेश हमें एक बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा।''
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से यह भी कहा कि देश के लिए इस दिन के महत्व से सभी लोग परिचित हैं। पीएम मोदी ने कहा, ''बापू की विचारधारा ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। महात्मा गांधी एक ऐसी शख्सियत हैं जो सत्ता से दूर रहने के बावजूद करोड़ों लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भी महात्मा गांधी की विचारधारा मानवता का मार्गदर्शन करती रहेगी और प्रेरणा देती रहेगी।
उन्होंने कहा, ''महात्मा गांधी ने हमेशा सभी को 'स्वदेशी' अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस प्रक्रिया में खादी हमेशा प्राथमिकता रही है। मैं सभी से अपील करता हूं कि दो अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें कि यह 'स्वदेशी' है।''
आपको बता दें कि भारत के इतिहास में दो अक्टूबर की तारीख का खास महत्व है। यह तारीख देश की दो महान विभूतियों के जन्मदिन के तौर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके कार्यों तथा विचारों ने देश की स्वतंत्रता और इसके बाद आजाद भारत को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई। अहिंसा के इस पुजारी के सम्मान में संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन को अहिंसा दिवस घोषित किया है।
शास्त्री जी की भी जयंती पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था।
भारतीय रिजर्व बैंक ने दो अक्टूबर 1987 को महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ पहली बार 500 रुपये का नया करेंसी नोट जारी किया गया था। इससे पहले 1969 में बापू की 100वीं जयंती पर एक स्मारक नोट जारी हुआ था, लेकिन नियमित और स्थायी रूप से भारतीय बैंक नोटों पर उनकी तस्वीर की शुरुआत 1987 के 500 रुपये के नोट से ही हुई थी। इसके बाद 1996 में आरबीआई ने आधिकारिक तौर पर 'महात्मा गांधी श्रृंखला' की शुरुआत की, जिसके बाद सभी मूल्य के नोटों पर उनकी तस्वीर स्थायी रूप से छापी जाने लगी।

