उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को भारतीय वायुसेना के विशेष एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमो घाट पहुंचने का कार्यक्रम है। इस प्रदर्शन में तेजस, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड सहित कई विमान हिस्सा लेने वाले हैं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में वाराणसी में एक नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन भी शामिल है। इसके बाद वे ओडिशा के भुवनेश्वर जाएंगे, जहां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन निर्धारित है।
आसमान में दिखेगी भारतीय वायुसेना की ताकत
नमो घाट पर आयोजित एयर शो में वायुसेना की एरोबैटिक टीमें भी हिस्सा लेंगी। कार्यक्रम में सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रदर्शन की योजना है। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमान भी संयुक्त संचालन क्षमता को प्रदर्शित करेंगे। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। घाटों तथा वीआईपी मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
भुवनेश्वर में खुलेगा RBI का अत्याधुनिक डेटा सेंटर
प्रधानमंत्री के ओडिशा दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम RBI के नए डेटा सेंटर का उद्घाटन है। यह केंद्र बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा तथा सेवाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।
सरकार के अनुसार, इस सुविधा में चार डेटा सेंटर होंगे, जिनमें भुगतान और निपटान प्रणालियों सहित RBI की महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं को संचालित करने की व्यवस्था होगी। केंद्र को Uptime Institute का Tier IV प्रमाणन भी मिला है, जो डेटा सेंटर की परिचालन विश्वसनीयता के उच्चतम स्तर का मानक है।
साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण पर भी रहेगा जोर
डेटा सेंटर के साथ स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों के प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और उभरती डिजिटल तकनीकों से जुड़े विषय भी शामिल होंगे।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सुरक्षित डेटा भंडारण और साइबर हमलों से बचाव वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है। यह केंद्र इसी दिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास है
प्रकाशित: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 | 2:16 PM IST

