सर्दी-खाँसी और गले की खराश के लिए 7 आसान घरेलू उपाय

बदलते मौसम में सर्दी-खाँसी से राहत पाने के लिए अपनाएँ ये प्रभावी घरेलू तरीके।

अदरक, नींबू के टुकड़े, शहद और अदरक पाउडर एक सफेद संगमरमर की सतह पर रखे हैं।
शहद का उपयोग खाँसी कम करने और गले को आराम देने के लिए किया जा सकता है। एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद न दें। इस बारे में और जानें। यहाँ क्लिक करें। यहाँ क्लिक करें।
मुख्य बातें

सर्दी-खाँसी और गले की खराश से राहत पाने के लिए शहद, गुनगुना पानी, नमक के पानी के गरारे, पर्याप्त आराम, सलाइन ड्रॉप्स, साफ हवा और पौष्टिक भोजन जैसे 7 आसान घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं।

  • शहद खाँसी कम करने और गले को आराम देने में मदद करता है, लेकिन 1 साल से कम उम्र के बच्चों को न दें।
  • गुनगुना पानी पीने से गले की खराश में आराम मिलता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होती।
  • नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करने पर गले की खराश में राहत मिल सकती है।
  • पर्याप्त आराम और नींद लेने से शरीर को संक्रमण से उबरने में मदद मिलती है।
  • बंद नाक के लिए सलाइन नेजल ड्रॉप्स या स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है।
  • धूल, सिगरेट के धुएँ और तेज खुशबू से बचें, और पौष्टिक भोजन लें।

बदलते मौसम में सर्दी, खाँसी और गले में खराश की परेशानी आम है। ऐसे समय में कुछ आसान घरेलू उपाय गले को आराम देने और शरीर को बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। हालाँकि, घरेलू उपाय हर बीमारी का इलाज नहीं हैं और इनका असर व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकता है।

1. शहद से खाँसी में राहत

शहद खाँसी को कम करने और गले को आराम देने में मदद कर सकता है।

इस्तेमाल कैसे करें?

एक छोटा चम्मच शहद सीधे लें या गुनगुने पानी में मिलाकर पिएँ।

जरूरत के अनुसार, खासकर रात में, इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

सावधानी: एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें।

2. गुनगुना पानी पिएँ

सर्दी-खाँसी के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ लेना जरूरी है। गुनगुना पानी गले की खराश में आराम दे सकता है और शरीर में पानी की कमी से बचाता है।

तरीका: दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएँ। पानी बहुत गर्म न हो।

3. नमक के पानी से गरारे करें

अगर गले में खराश है, तो नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करने से कुछ राहत मिल सकती है।

तरीका: एक गिलास गुनगुने पानी में लगभग आधा छोटा चम्मच नमक मिलाएँ।

पानी से गरारे करें।

पानी को निगलने के बजाय थूक दें।

यह उपाय छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है, यदि वे सुरक्षित तरीके से गरारे नहीं कर सकते।

4. आराम करें और नींद पूरी लें

सर्दी के दौरान शरीर को आराम देना जरूरी है। पर्याप्त नींद लें और जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से बचें। इससे शरीर को संक्रमण से उबरने में मदद मिलती है।

5. नाक बंद होने पर नमक वाले सलाइन ड्रॉप्स

नाक बंद होने पर फार्मेसी में मिलने वाले सलाइन नेजल ड्रॉप्स या स्प्रे मदद कर सकते हैं। इन्हें पैक पर दिए निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करें। नाक की धुलाई के लिए पानी इस्तेमाल करते समय केवल डिस्टिल्ड, स्टेराइल या उबालकर ठंडा किया हुआ पानी लें।

6. साफ हवा और आरामदायक वातावरण रखें

, सिगरेट, धूल और तेज खुशबू से दूर रहें, क्योंकि ये खाँसी को बढ़ा सकते हैं। कमरे में आरामदायक तापमान रखें।

बहुत गर्म पानी के बर्तन से भाप लेने से बचें, क्योंकि इससे जलने का खतरा होता है।

7. पौष्टिक भोजन लें

सूप, दाल, फल और सामान्य पौष्टिक भोजन लें। भूख कम हो तो थोड़ा-थोड़ा खाएँ और पर्याप्त पानी पिएँ। अदरक वाला गर्म पेय कुछ लोगों को आराम दे सकता है, लेकिन इसे संक्रमण का इलाज न समझें।

सर्दी-खाँसी में क्या नहीं करना चाहिए?

डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें। आम सर्दी प्रायः वायरस के कारण होती है और एंटीबायोटिक वायरस पर काम नहीं करते। एक साथ कई खाँसी-जुकाम की दवाएँ न लें; उनमें एक जैसे घटक हो सकते हैं। छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह के खाँसी-जुकाम की दवा न दें। धूम्रपान और दूसरे लोगों के धुएँ से बचें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर साँस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, होंठ नीले पड़ना, भ्रम या गंभीर कमजोरी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। तेज या लगातार बुखार, लक्षण बिगड़ना, सुधार के बाद दोबारा बिगड़ना या खाँसी तीन सप्ताह से अधिक बने रहना भी डॉक्टर से सलाह लेने के कारण हैं। छोटे शिशुओं में बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

निष्कर्ष

सर्दी-खाँसी में गुनगुना पानी, शहद (एक वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए), नमक-पानी के गरारे और पर्याप्त आराम से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, किसी डॉक्टर की जाँच या उपचार का विकल्प नहीं। दवाओं और घरेलू उपायों का इस्तेमाल उम्र, गर्भावस्था, पुरानी बीमारियों और अन्य दवाओं के अनुसार अलग हो सकता है।

प्रकाशित: रविवार, 25 अक्टूबर 2026 | 7:17 AM IST

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