नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। देश के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति जल्द सामान्य होने की उम्मीद है। बिजली मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, फिलहाल बिजली संयंत्रों तक प्रतिदिन लगभग 26 लाख टन कोयला पहुँचाया जा रहा है।
कोयले की कमी क्यों बढ़ी?
रिपोर्ट के अनुसार, खनन क्षेत्रों में बारिश के कारण कोयले की ढुलाई प्रभावित हुई। दूसरी ओर, गर्म मौसम, औद्योगिक गतिविधियों और सिंचाई की बढ़ती जरूरतों से बिजली की मांग में भी वृद्धि हुई है। जलविद्युत उत्पादन कम होने से ताप बिजली संयंत्रों पर दबाव बढ़ा है।
96 बिजली संयंत्रों में कम था कोयले का भंडार
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आँकड़ों के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक 96 बिजली संयंत्रों के पास तीन दिन से कम बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त कोयला बचा था। सितंबर के मध्य में ऐसे संयंत्रों की संख्या 60 थी। इससे स्पष्ट है कि आपूर्ति बढ़ाने के बावजूद भंडार की स्थिति पर निगरानी जरूरी है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि कोयले की आपूर्ति समय पर सामान्य हो जाती है, तो बिजली उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, किसी क्षेत्र में बिजली कटौती होगी या नहीं, यह स्थानीय मांग, उपलब्ध उत्पादन और वितरण व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा। फिलहाल मंत्रालय के अधिकारी ने आपूर्ति जल्द सामान्य होने की उम्मीद जताई है; इसे देशभर में बिजली संकट समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
प्रकाशित: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | 3:39 PM IST

