बंगाल की खाड़ी में बने गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ को लेकर मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट की ओर इस तूफान के बढ़ने और तट से टकराने की आशंका जताई गई है। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
इस मौसम प्रणाली का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। ओडिशा, तमिलनाडु और आसपास के कुछ राज्यों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बताया गया है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है?
तटीय क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा।
बिजली और यातायात सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मछुआरों और समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी होगी।
किसानों को कटी हुई फसल और खेतों में पानी की निकासी पर ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 6:18 AM IST

