विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए SEBI का सुझाव: LTCG टैक्स हटाने का प्रस्ताव

SEBI ने केंद्र सरकार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए LTCG टैक्स खत्म करने का आग्रह किया।

मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्रवेश द्वार पर एक बैल की मूर्ति।
SEBI का यह प्रस्ताव भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को फिर से आकर्षित करने के उद्देश्य से है।
मुख्य बातें

SEBI ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म कर दिया जाए। यह प्रस्ताव फरवरी 2027 के केंद्रीय बजट से पहले सरकार के सामने रखा गया है।

  • SEBI ने विदेशी निवेशकों के लिए LTCG टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव दिया है।
  • वर्तमान में विदेशी निवेशकों पर 12.5% LTCG टैक्स और 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।
  • इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 31 अरब डॉलर निकाले हैं।
  • SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स राहत का सुझाव दिया है।
  • यह केवल एक सुझाव है, सरकार का अंतिम फैसला नहीं।
  • प्रस्ताव लागू होने पर भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेश से सहारा मिल सकता है।

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को दोबारा आकर्षित करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। SEBI ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव रखा है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाना और निवेशकों के लिए भारत को अधिक आकर्षक बनाना है।

1. विदेशी निवेशकों को क्या राहत मिल सकती है?

SEBI के सुझाव के अनुसार, विदेशी निवेशकों को भारतीय शेयरों पर मिलने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर लगने वाले टैक्स से छूट देने पर विचार किया जाना चाहिए।

फिलहाल विदेशी निवेशकों पर लागू दरों में:

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स: 12.5%

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स: 20%

प्रस्ताव लागू होने पर विदेशी निवेशकों को लंबे समय के निवेश में राहत मिल सकती है।

2. विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा क्यों निकाल रहे हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड लगभग 31 अरब डॉलर की निकासी की है।

इसक पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

शेयर बाजार में कमजोर प्रदर्शन।

निवेश पर टैक्स का बोझ।

दूसरे उभरते बाजारों में बेहतर निवेश अवसर।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता।

3. म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी मिल सकती है राहत SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी एक सुझाव दिया है। इसके तहत एक साल से अधिक समय तक रखी गई म्यूचुअल फंड योजनाओं को दूसरी योजना में बदलने पर टैक्स राहत देने का प्रस्ताव है। 4. क्या सरकार ने टैक्स खत्म कर दिया है? नहीं। यह SEBI की ओर से दिया गया सुझाव है, अंतिम सरकारी फैसला नहीं। प्रस्ताव फरवरी 2027 के केंद्रीय बजट से पहले सरकार के सामने रखा गया है। इसे लागू करने के लिए सरकार की मंजूरी और आवश्यक नियमों में बदलाव जरूरी होंगे। 5. आम निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर? अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार को सहारा मिल सकता है। घरेलू निवेशकों को भी म्यूचुअल फंड से जुड़े प्रस्तावित टैक्स बदलाव का लाभ मिल सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में तेजी या निवेश पर मुनाफे की कोई गारंटी नहीं है।

प्रकाशित: सोमवार, 2 नवंबर 2026 | 8:11 PM IST

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