पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़े झटके लगे हैं। पहले दो मौजूदा विधायकों ने पार्टी से दूरी बना ली। वहीं, अब विधायक कुंवर विजय प्रताप ने भी इस्तीफा दे दिया है। खास बात है कि ये इस्तीफे आप की तरफ से उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के कुछ देर बाद ही हुए हैं। राज्य में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। अभी चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान नहीं किया है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इस्तीफे की वजह साफ नहीं की है। उन्होंने एक्स पर एक लंबे पोस्ट में कहा है कि विधायक रहते हुए उन्होंने 90 प्रतिशत टारगेट पूरे कर लिए हैं। साथ ही उन्होंने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि माई बाप संस्कृति को खत्म करना बताया है। उन्होंने इस पोस्ट में किसी नेता का नाम नहीं लिया। खास बात है कि शनिवार को जारी हुई आप की पहली सूची में विजय प्रताप का नाम नहीं था।
इस्तीफा देकर क्या बोले AAP MLA
उन्होंने लिखा, 'मैंने पंजाब विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका कर्जदार रहूंगा। आपके समर्थन और ईश्वर के आशीर्वाद से, हमें केवल सड़क नालियों और फीता काटने जैसी राजनीति से ऊपर उठना होगा। हमें मिलकर पंजाब को जो इस समय नशा, जबरन वसूली, गैंगस्टरों के आतंक और भ्रष्टाचार की चपेट में है। फिर से एक प्रगतिशील और अग्रणी राज्य बनाने के लिए ठोस प्रयास करना होगा।'
उन्होंने लिखा, 'वैसे आप सब जानते हैं कि मैंने MLA के तौर पर अपना 90 परसेंट टारगेट पूरा कर लिया है; जो काम एक MLA को करना होता है। मैंने अपने एरिया के हिसाब से किए गए कामों की डिटेल्स भी दी हैं जो अखबार और मेरे फेसबुक पेज पर मौजूद हैं। मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैंने राजनीति से माई-बाप संस्कृति को खत्म किया है और जनता को अपनी प्रेरणा का असली स्रोत मानकर काम किया है।'
उन्होंने कहा, 'पंजाब विधानसभा में, मैंने लगातार अमृतसर के लोगों की आवाज उठाई। मैंने निडर होकर कई मुद्दों को उठाया। इनमें पानी और सीवेज व्यवस्था से लेकर सर्किट हाउस, कंपनी बाग, खुले गंदे नाले, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, स
उन्होंने लिखा, 'मेरा उद्देश्य आपके साथ मिलकर भविष्य की ऐसी रणनीति बनाना है, जो स्वच्छ राजनीति और एक पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन सुनिश्चित करे।'
2 विधायक दे चुके इस्तीफा
चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने रविवार को AAP से इस्तीफा दे दिया है। एक ओर जहां चेतन पटियाला जिले की सामना सीट से विधायक हैं। वहीं, हरमीत सनौर सीट से विधायक हैं। अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, किसी ने भी आधिकारिक रूप से इसे लेकर कुछ नहीं कहा है।
किसे मिले टिकट
40 मौजूदा विधायकों को उम्मीदवार बनाया गया है। सीएम भगवंत सिंह मान फिर धुरी से चुनाव लड़ेंगे। पहली सूची में प्रमुख नामों में अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, एसएएस नगर से कुलवंत सिंह और होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा 'जिम्पा' शामिल हैं। पार्टी ने करतारपुर से बलकार सिंह, दसूहा से करमवीर सिंह घुम्मन, उरमर से जसवीर सिंह राजा गिल, चब्बेवाल से ईशांक कुमार चब्बेवाल और गढ़शंकर से जय कृष्ण सिंह रौड़ी को भी उम्मीदवार बनाया है।
लुधियाना जिले में पार्टी ने लुधियाना पूर्व से दलजीत सिंह ग्रेवाल, आत्म नगर से कुलवंत सिंह सिद्धू, लुधियाना मध्य से अशोक पराशर पप्पी, लुधियाना पश्चिम से संजीव अरोड़ा, लुधियाना उत्तर से चौधरी मदन लाल बग्गा और पायल से मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को मैदान में उतारा है। मालवा क्षेत्र में बाघापुराना से अमृतपाल सिंह सुखानंद, मोगा से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, धर्मकोट से देविंदरजीत सिंह लाडी ढोस, जलालाबाद से जगदीप कंबोज गोल्डी, फाजिल्का से नरेंद्रपाल सिंह सवना और मुक्तसर से जगदीप सिंह काका बराड़ को टिकट दिया गया है।
इसके अलावा तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर, सरदूलगढ़ से गुरप्रीत सिंह बनावाली, भदौड़ से लाभ सिंह उगोके, महल कलां से कुलवंत सिंह पंडोरी, अमरगढ़ से जसवंत सिंह गज्जनमाजरा और पटियाला से अजीतपाल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
प्रकाशित: सोमवार, 2 नवंबर 2026 | 5:35 PM IST

