2029 तक भारत में होंगे 4 रॉकेट लॉन्च पैड, ISRO ने बताया अंतरिक्ष विस्तार का रोडमैप

ISRO अध्यक्ष ने कहा, निजी क्षेत्र के सहयोग से बढ़ेगी भारत की उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता.

एक रॉकेट लॉन्च पैड से धुएं और आग के साथ लॉन्च हो रहा है।
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के विस्तार की जानकारी दी, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जोर दिया गया है.
मुख्य बातें

भारत 2029 तक 4 सक्रिय रॉकेट लॉन्च पैड तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसका उद्देश्य देश और दुनिया में उपग्रह प्रक्षेपण की बढ़ती मांग को पूरा करना है, जैसा कि ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया.

  • भारत का लक्ष्य 2029 तक 4 सक्रिय रॉकेट लॉन्च पैड तैयार करना है.
  • ISRO निजी क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाएगा, लेकिन उसका निजीकरण नहीं होगा.
  • तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में एक छोटा उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र विकसित किया जाएगा.
  • गगनयान मिशन के लिए अगले 2 महीनों में पहला मानवरहित परीक्षण होगा.
  • निजी कंपनियों को रॉकेट निर्माण और उपग्रह तकनीक में नए अवसर मिलेंगे.

भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई गति देने की तैयारी कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा है कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2029 तक चार सक्रिय रॉकेट लॉन्च पैड तैयार करने का है। इस विस्तार का उद्देश्य देश और दुनिया में उपग्रह प्रक्षेपण की बढ़ती मांग को पूरा करना है। यह जानकारी 25 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई

चेन्नई में शनिवार को एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए नारायणन ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ISRO का निजीकरण नहीं किया जा रहा है, बल्कि निजी क्षेत्र के साथ सहयोग के माध्यम से प्रक्षेपण क्षमता और तकनीकी विकास को मजबूत करने की योजना है।

तमिलनाडु में बनेगा छोटा उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र

ISRO की योजना में तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के कुलशेखरपट्टिनम में लगभग 2,000 एकड़ में छोटा उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) परिसर विकसित करना भी शामिल है।

इस केंद्र में प्रक्षेपण पैड, रॉकेट एकीकरण भवन और उपग्रह प्रक्षेपण से जुड़ी निगरानी एवं संचार सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

गगनयान मिशन की तैयारी भी जारी

ISRO अध्यक्ष ने भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, अगले दो महीनों के भीतर पहला मानवरहित परीक्षण करने की योजना है। इसके बाद मानवयुक्त मिशन से पहले दो और मानवरहित परीक्षण किए जाने हैं।

परीक्षणों में सुरक्षा प्रणालियों, चालक दल की आपातकालीन बचाव व्यवस्था और अंतरिक्ष यान के भीतर के वातावरण की जांच की जाएगी। हालांकि, ये निर्धारित लक्ष्य हैं और वास्तविक समयसीमा परीक्षणों की प्रगति पर निर्भर करेगी।

निजी कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा? अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से रॉकेट निर्माण, उपग्रह तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और प्रक्षेपण सेवाओं से जुड़े कारोबार को नए अवसर मिल सकते हैं। ISRO का लक्ष्य स्टार्टअप और निजी उद्यमों को तकनीकी सहयोग देना तथा व्यावसायिक गतिविधियों में उनकी भूमिका बढ़ाना है। इससे उच्च तकनीक वाले रोजगार और भारत के अंतरिक्ष उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक रोजगार और आर्थिक लाभ निवेश तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।

प्रकाशित: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 | 6:19 AM IST

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