नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की तैयारी में है। 31 अक्टूबर को नया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च किए जाने का कार्यक्रम है। इस मिशन से भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आज रात 11:51 बजे होगा प्रक्षेपण
ISRO के आधिकारिक मिशन विवरण के अनुसार, GSLV-F18 रॉकेट को 30 अक्टूबर की रात 11:51 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाना निर्धारित है। यह GSLV की 20वीं उड़ान होगी। NVS-03 सैटेलाइट की खासियत क्या है?
इसमें स्वदेशी परमाणु घड़ी (Atomic Clock) लगाई गई है।
यह भारत की NavIC नेविगेशन प्रणाली को मजबूत करेगा।
इसकी सेवाओं का कवरेज भारत और सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे तक होगा।
इसमें L1 सिग्नल की सुविधा भी शामिल है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस मिशन से भविष्य में सटीक लोकेशन, समुद्री नेविगेशन, परिवहन, आपदा प्रबंधन और अन्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मिशन?
भारत अपनी स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन प्रणाली को मजबूत करना चाहता है, ताकि महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए विदेशी नेविगेशन प्रणालियों पर निर्भरता कम हो सके।
प्रकाशित: शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 7:07 AM IST

