परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार CBI जांच के लिए तैयार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या की जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया।

एक हरे रंग की छत के नीचे एक बाहरी क्षेत्र में पुलिस अधिकारी और नागरिक खड़े हैं।
पंजाब सरकार ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया है।
मुख्य बातें

पंजाब सरकार नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपेगी, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को परिवार की मांग स्वीकार करते हुए यह ऐलान किया।

  • पंजाब सरकार परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपेगी।
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को यह घोषणा की।
  • परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
  • वह नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
  • परिवार और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच के लिए प्रदर्शन किया था।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवार के साथ खड़ी है और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी।

चंडीगढ़/मानसा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर को कहा कि सरकार मृतक के परिवार की मांग स्वीकार करते हुए मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराएगी।

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कथित तौर पर नशीली और आदत डालने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई थी।

हत्या के बाद झोटा के परिजनों और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। परिवार का कहना था कि मामले की जांच CBI से कराई जाए, ताकि घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल हो सके। इस मांग को लेकर मानसा में विरोध प्रदर्शन भी हुआ।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि सरकार परिवार के साथ खड़ी है और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी। मामले को लेकर राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान झोटा के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम भी खबरों में रहा।

अब CBI जांच के ऐलान के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच एजेंसी को औपचारिक रूप से मामला सौंपे जाने और उसके बाद की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों, संभावित अन्य संलिप्तता और संबंधित आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। अभी किसी भी आरोप को अदालत में साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

प्रकाशित: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 6:31 PM IST

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