मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स में जीता रजत, लॉस एंजिलिस पैरालंपिक कोटा भी पक्का

भारतीय पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल ने 2026 एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक हासिल किया।

एक भारतीय एथलीट ने रजत पदक और लाल रंग का शुभंकर पकड़ा हुआ है।
मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीतकर भारत के लिए लॉस एंजिलिस पैरालंपिक कोटा हासिल किया।
मुख्य बातें

मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीता है, जिससे उन्होंने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी हासिल कर लिया है।

  • मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीता।
  • उन्होंने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी सुरक्षित किया।
  • मनीष ने फाइनल में 233.7 अंक हासिल किए।
  • दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के यांग चाओ ने कांस्य पदक हासिल किया।
  • मनीष ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में स्वर्ण और पेरिस पैरालंपिक 2024 में रजत पदक जीता था।
  • कोटा स्थान मिलने का अर्थ अपने-आप अंतिम खिलाड़ी चयन होना नहीं है।

नागोया (जापान): भारत के पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। उनकी इस उपलब्धि से भारत के पदक खाते में एक और मेडल जुड़ा है। खास बात यह है कि इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी पक्का किया।

मनीष ने फाइनल में 233.7 अंक हासिल करके दूसरा स्थान प्राप्त किया। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 241.3 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के यांग चाओ ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस मुकाबले में भारत के रुद्रांक्ष खंडेलवाल सातवें स्थान पर रहे।

हरियाणा के बल्लभगढ़ से आने वाले मनीष नरवाल पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस पैरालंपिक 2024 में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया था। एशियन पैरा गेम्स में मिला यह नया पदक उनके शानदार खेल करियर में एक और उपलब्धि है।

भारत के लिए यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पैरालंपिक कोटा हासिल होने से लॉस एंजिलिस 2028 की तैयारियों को मजबूती मिलेगी। हालांकि, कोटा स्थान मिलने का अर्थ अपने-आप अंतिम खिलाड़ी चयन होना नहीं है; संबंधित चयन प्रक्रिया और नियम भी लागू होंगे।

मनीष की जीत देश के उभरते पैरा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उनकी उपलब्धि दिखाती है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रकाशित: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 5:31 PM IST

यह खबर शेयर करें

WhatsAppFacebookXTelegram