गुजरात के 4 जिलों में सूखा घोषित, किसानों को मिलेगी फसल नुकसान की सहायता

राज्य सरकार ने देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ में राहत उपाय लागू किए।

सूखे खेत में एक किसान घुटनों के बल बैठकर धान के पौधों को देख रहा है।
कम बारिश के कारण प्रभावित हुए किसानों को फसल नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने कम बारिश के कारण देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है, जिससे किसानों को फसल नुकसान के लिए प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जो अधिकतम 2 हेक्टेयर तक सीमित होगी।

  • गुजरात के चार जिले देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ सूखा प्रभावित घोषित।
  • राहत उपाय 1 नवंबर 2026 से लागू किए गए हैं।
  • किसानों को प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की फसल नुकसान सहायता मिलेगी, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।
  • पशु शिविरों को प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता दी जाएगी।
  • देवभूमि द्वारका में 15 अक्टूबर तक 83.5 प्रतिशत और कच्छ में 42.4 प्रतिशत बारिश की कमी थी।
  • सरकार ने चारे की उपलब्धता बढ़ाने और बांधों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की योजना बनाई है।

गुजरात में कम बारिश के कारण खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है। राज्य सरकार ने चार जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। इनमें देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ शामिल हैं। इन जिलों में 1 नवंबर 2026 से राहत उपाय लागू किए गए हैं।

इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसलें कम बारिश और पानी की कमी के कारण प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक सहायता और पशुओं के चारे की व्यवस्था करने की योजना बनाई है।

किसानों को कितनी मिलेगी सहायता?

रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के नियमों के तहत प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की फसल नुकसान सहायता दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर तक सीमित होगी।

इसके अलावा पशुपालकों को भी राहत देने की व्यवस्था की गई है।

  • पशु शिविरों को प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता।

  • दो महीने तक चारे और पशुओं की देखभाल के लिए मदद।

  • प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अतिरिक्त अवसर।

  • रबी सीजन के लिए सिंचाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान।

सरकार ने प्रभावित इलाकों में चारे की उपलब्धता बढ़ाने और बांधों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की योजना भी बनाई है।

सूखी, दरार वाली ज़मीन पर चार लोग चल रहे हैं, जिनमें से दो के पास औज़ार हैं।
गुजरात के चार जिलों में सूखे की घोषणा के बाद किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश की कमी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

एक किसान सूखे खेत में खड़ा है, अपने माथे पर हाथ रखे हुए है।
राज्य सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए आर्थिक सहायता और चारे की व्यवस्था की है।

गुजरात के कुछ जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर तक देवभूमि द्वारका में बारिश की कमी 83.5 प्रतिशत और कच्छ में 42.4 प्रतिशत थी।

कम बारिश के कारण खेतों में नमी की कमी और पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा होने की आशंका है।

किसानों के लिए आगे क्या जरूरी है?

कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान उपलब्ध पानी का सावधानी से उपयोग करें। कम पानी में तैयार होने वाली फसलों और उपयुक्त सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए। फसल नुकसान की स्थिति में संबंधित कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना चाहिए।

प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 12:29 PM IST

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