बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु को लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में प्रशासन सतर्क हो गया है। 3 नवंबर की सुबह तक उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा था। भारतीय मौसम विभाग ने इसके कारण तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
मौसम विभाग के अनुसार तूफान की गति लगभग 14 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसके ओंगोल के आसपास तट पार करने की आशंका जताई गई थी। हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था।
आंध्र प्रदेश प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की है। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी बचाव और राहत व्यवस्था मजबूत की गई है।
ओडिशा में 300 से अधिक बचाव दल तैयार
रिपोर्ट के अनुसार, NDRF, ODRAF और अग्निशमन विभाग के 300 से अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं। तमिलनाडु ने भी बिजली आपूर्ति बहाल करने में मदद के लिए 500 बिजली कर्मचारियों को 25 टीमों में भेजा है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
समुद्र और नदी के किनारे जाने से बचें।
मछुआरे समुद्र में जाने से परहेज करें।
जरूरी दस्तावेज और दवाइयां सुरक्षित रखें।
प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
अफवाहों के बजाय सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें।
प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 12:07 PM IST

