रबी की बुवाई पर मौसम का असर: किसानों के सामने नई चुनौती

कम नमी और अधिक तापमान से गेहूं की बुवाई प्रभावित, किसान चिंतित

एक ट्रैक्टर खेत में बीज बो रहा है, जबकि दूसरी तरफ फसलें उग रही हैं।
रबी सीजन में गेहूं की बुवाई पर मौसम के प्रभाव और किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर एक रिपोर्ट।
मुख्य बातें

कम मिट्टी की नमी और अधिक तापमान के कारण देश के कुछ राज्यों में गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को रबी सीजन में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • रबी फसलों की बुवाई का समय चल रहा है।
  • कम मिट्टी की नमी और अधिक तापमान से गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है।
  • राजस्थान के कुछ इलाकों में कम बारिश से किसान परेशान हैं।
  • गेहूं की शुरुआती बुवाई पिछले साल से पीछे है।
  • किसानों को पर्याप्त नमी की जांच के बाद ही बुवाई करनी चाहिए।
  • बदलते मौसम के अनुरूप खेती की रणनीति बनाना आवश्यक है।

देश में रबी फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। इसी बीच कम मिट्टी की नमी और अधिक तापमान के कारण कुछ राज्यों में गेहूं की बुवाई प्रभावित होने की खबर सामने आई है।

कृषि क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार राजस्थान के कुछ इलाकों में कम बारिश और मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण किसान बुवाई को लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं। वहीं गेहूं की शुरुआती बुवाई के आंकड़े भी पिछले वर्ष की समान अवधि से पीछे बताए गए हैं।

रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना, मटर और जौ प्रमुख फसलें हैं। इन फसलों की अच्छी पैदावार के लिए समय पर बुवाई, उचित तापमान और पर्याप्त नमी जरूरी होती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

  1. खेत में पर्याप्त नमी की जांच करने के बाद ही बुवाई करें।

  2. प्रमाणित और क्षेत्र के अनुकूल बीजों का इस्तेमाल करें।

  3. मिट्टी की जांच के अनुसार खाद और उर्वरक डालें।

  4. कृषि विशेषज्ञ की सलाह के बिना अत्यधिक सिंचाई न करें।

  5. मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।

विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती की रणनीति बनानी चाहिए। सिंचाई की सुविधा वाले किसान भी पानी का उचित प्रबंधन करें।

प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 12:00 PM IST

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