देश के बैंकिंग क्षेत्र को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। इस समिति का उद्देश्य भारतीय बैंकों की कार्यप्रणाली, प्रतिस्पर्धा और आर्थिक विकास में उनकी भूमिका को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुधारों की पहचान करना है।
क्यों बनाई गई समिति?
भारत की अर्थव्यवस्था में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्योगों को कर्ज उपलब्ध कराने, छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने और आम लोगों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में बैंक अहम योगदान देते हैं।
सरकार चाहती है कि भारतीय बैंक वैश्विक स्तर पर भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनें और देश की आर्थिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें।

आम लोगों और कारोबारियों पर क्या असर पड़ सकता है? यदि समिति की सिफारिशों के आधार पर नए सुधार लागू होते हैं, तो भविष्य में बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता, कर्ज की उपलब्धता और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं में सुधार हो सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी समिति के सदस्यों, कार्यक्षेत्र और रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
प्रकाशित: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | 6:50 AM IST

