चुनाव आयोग में अंदरूनी मतभेदों की खबरों और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हाई-लेवल बैठक में सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखा हमला बोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को "मोदी सरकार की कठपुतली" करार दिया और कहा कि उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। खड़गे ने आगे कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के हनन को देखते हुए प्रधानमंत्री को भी नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
दिल्ली में कांग्रेस का महामंथन इस अहम बैठक में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए।
बैठक का मुख्य मकसद चुनाव आयोग में मचे अंदरूनी घमासान और SIR प्रक्रिया में सामने आ रहीं गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर चौतरफा दबाव बनाने का रोडमैप तैयार करना था।
कांग्रेस का कहना है कि देश के लोकतंत्र को बचाने की दिशा में पहला कदम मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा ही है। पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की जोड़ी का 'मोहरा' बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अब दिए जा रहे स्पष्टीकरण खुद इस बात का सबूत हैं कि पूरी SIR प्रक्रिया एक बड़ी नाकामी साबित हुई है।
मल्लिकार्जु खड़गे ने रखीं क्या 5 मांगें? मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में पारदर्शिता को लेकर पांच बड़ी मांगें रखीं।

