कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर का तूफानी प्रदर्शन, दबाव मुक्त होकर खेल का आनंद ले रही हैं

जिम्बाब्वे के खिलाफ 91 रनों की नाबाद पारी के बाद हरमनप्रीत ने कहा कि अब कोई दबाव नहीं है।

एक महिला क्रिकेटर नीली और नारंगी रंग की जर्सी पहने हुए है, उसके हाथ में एक हेलमेट है।
हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में शानदार बल्लेबाजी की।
मुख्य बातें

कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि अब उन पर कोई दबाव नहीं है और वह अपने खेल का आनंद लेना चाहती हैं, जैसा कि उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 91 रनों की नाबाद पारी खेलकर दिखाया।

  • हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए।
  • इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।
  • हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तानी छोड़ने के बाद वह कम दबाव के साथ खेल का अधिक आनंद लेना चाहती हैं।
  • उन्होंने इस महीने की शुरुआत में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद स्मृति मंधाना कप्तान बनीं।
  • हरमनप्रीत ने अपनी पहली बाउंड्री से आत्मविश्वास मिलने की बात कही।
  • उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय बल्लेबाजी कोच हिमांशु भैया को दिया।

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों में नाबाद 91 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर शतक से चूक गईं, लेकिन उन्होंने एक तरह से स्टेटमेंट दे दिया है कि कप्तानी छोड़ने के बाद वह खुलकर खेलना चाहती हैं। हरमनप्रीत कौर ने कहा कि कप्तानी छोड़ने के बाद वह अपने करियर के इस नए दौर को कम दबाव के साथ खेल का अधिक आनंद लेना चाहती हैं।

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में हरमनप्रीत ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब कोई दबाव रह गया है। अब तो मैदान पर अपने खेल का आनंद लेने की बात है और मैं यही करना चाहती हूं। मुझे क्रीज पर बल्लेबाजी करना पसंद है और मैं इसी के लिए यहां हूं। मैं बस अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं। अच्छा लगा कि रन भी बने।"

37 वर्षीय हरमनप्रीत ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद स्मृति मंधाना ने यह जिम्मेदारी संभाली। इस मैच से पहले हरमनप्रीत लगातार आठ पारियों से अर्धशतक नहीं लगा पाई थीं। रायपुर में वह आठवें ओवर में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं। अपनी पहली 12 गेंदों पर उन्होंने केवल एक चौका लगाया, लेकिन इसके बाद गियर बदला और कुडज़ाई चिगोरा के ओवर में 20 रन बटोर लिए। इस ओवर में उन्होंने दो चौके और दो छक्के लगाए

हरमनप्रीत ने कहा कि उनकी पहली बाउंड्री ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। लॉरिन फिरी की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाए गए ड्राइव से उन्हें लगा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जब मैंने दूसरी गेंद पर चौका लगाया, तभी मुझे एहसास हुआ कि पिच अच्छी है और बल्ला गेंद पर अच्छी तरह आ रहा है। उस शॉट से मुझे काफी आत्मविश्वास मिला। इसके बाद मैंने सोचा कि बस खेलती रहूं और देखूं कि आगे क्या होता है।"

हरमनप्रीत ने कहा कि नेट्स में की गई मेहनत से उन्हें क्रीज पर सहज महसूस करने में मदद मिली। अभ्यास के दौरान मैच जैसा दबाव महसूस करने से असली मुकाबले में अतिरिक्त दबाव से बचने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि बैट स्विंग मेरी बल्लेबाजी की सबसे अहम चीज है। मैं नेट्स में इसे बार-बार दोहराना चाहती हूं। मैं अपने बल्लेबाजी कोच हिमांशु भैया को भी इसका श्रेय देना चाहूंगी। वह काफी मेहनत कर रहे हैं और उन्होंने समझा है कि मैं किस तरह की बल्लेबाजी कर सकती हूं। जब भी हम मिलते हैं और नेट्स में समय बिताते हैं, तो वह चाहते हैं कि मैं वहां भी उसी तरह का दबाव महसूस करूं, ताकि मैच खेलते समय मुझे किसी अतिरिक्त दबाव का सामना न करना पड़े। उनकी रणनीति और सोच काफी अच्छी तरह काम करती है।"

प्रकाशित: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | 1:13 PM IST

यह खबर शेयर करें

WhatsAppFacebookXTelegram