फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया के विमान की बुधवार को हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर में आपात लैंडिंग कराई गई। जांच में अलर्ट झूठा निकला, जिसके बाद विमान ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। खबर है कि बोइंग 787-9 विमान से संचालित फ्लाइट एआई-2030 में 293 यात्री और 13 क्रू सदस्य सवार थे। यह विमान बुधवार सुबह 9:35 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा और सुरक्षा जांच के लिए उसे आइसोलेशन-बे में ले जाया गया। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने की मंजूरी मिल गई। डीजीसीए इस मामले की जांच करेगा। अब इस विमान में सवार यात्रियों ने आंखों देखी साझा की है।
मालवीय नगर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस शिव दयाल ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि जब विमान मुंबई में था, तब पायलट ने ‘स्क्वाक कोड 7500’ दबाया था, जो गैर-कानूनी दखल का संकेत देता है। इसके बाद एहतियातन इस विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया।
2 घंटे जयपुर में विमान में ही बैठे रहे हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में भारतीय मूल के जर्मन नागरिक गुरजीत सिंह खालसा बताते हैं कि यात्रियों को 2 घंटे तक बाहर नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा है कि ऐसा जयपुर एयरपोर्ट पर हुआ था। उन्होंने बताया, 'यह घोषणा की गई थी कि हमारी सुरक्षा जांच होगी। सुबह करीब 11:30 बजे कप्तान ने विमान खाली करने के लिए कहा। बाहर आने पर हमें कई सुरक्षाकर्मी नजर आए। हम में से कुछ लोगों को अपने पासपोर्ट दिखाने पड़े।'
उन्होंने बताया कि यात्रियों से बोला गया कि सामान की जांच होने तक इंतजार करें। उन्होंने कहा कि दो और घंटे इंतजार करने के बाद यात्रियों को दिल्ली रवाना कर दिया गया। उन्होंने जानकारी दी है कि जयपुर में एक अधिकारी ने उन्होंने बताया कि बम की धमकी जैसे हालात बन रहे हैं।
इंजन फेल होने की उड़ी अफवाह विमान में सवार 25 साल की छात्रा जैनिस बताती हैं, 'नीचे आते वक्त क्रू ने कहा कि सुरक्षा कारणों से विमान जयपुर जा रहा है। लैंड करने और बाहर निकलने पर हमें बहुत सारे दमकल वाले दिखे, तो हमें लगा इंजन खराब हो गया। फिर हमने दूसरी वर्दी में लोग देखे तो लगा कि सचमुच सुरक्षा को लेकर कोई खतरा था।' खास बात है कि जैनिस अपने साथी के साथ छुट्टियां मनाने जा रहीं थीं।
इस घटना के बाद उनके साथी की मां ने हाईजैकिंग की खबर भेजी, जिसके चलते वह घबरा गईं थीं।
हाईजैकिंग की बात कहां से आई दरअसल, विमान से कोट 7500 का इस्तेमाल किया जा रहा था। पायलट इस कोड का इस्तेमाल हाईजैकिंग या किसी गैरकानूनी गतिविधि के समय करते हैं। जैसे ही ATC यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सिग्नल मिला, तो विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया था।
एअर इंडिया ने एक बयान में कहा, 'संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक जांच की और विमान तथा चालक दल को उड़ान के लिए मंजूरी दे दी। सभी यात्रियों को विमान से उतारा गया, उनकी सुरक्षा जांच की गई और इसके बाद वे दोबारा विमान में सवार हो गए।' पीटीआई भाषा से बातचीत में एक सूत्र ने कहा कि पायलट ने स्क्वॉक कोड 7500 नहीं दबाया था। इस संबंध में मुंबई एफआईआर के अंतर्गत आने वाले अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी जानकारी दी गई थी।
एजेंसी को सूत्र ने बताया, 'जानकारी मिली कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण कोड 7500 सक्रिय हुआ था और विमान के अपहरण की कोई वास्तविक धमकी नहीं थी।' जांच के कुछ समय बाद उड़ान को अनुमति मिल गई जिसके बाद उसी विमान में यात्रियों को बैठाया गया। इसके बाद विमान दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
प्रकाशित: गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 | 2:05 PM IST

