दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप: लॉ स्टूडेंट की शिकायत पर केरल में FIR दर्ज

NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।

एक व्यक्ति एक महिला के कंधे पर हाथ रखे हुए है, और वह मीडिया के सामने बोल रहा है।
यह खंड दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित मारपीट के आरोपों का विवरण देता है।।
मुख्य बातें

केरल की लॉ स्टूडेंट अथिरा विजयन की शिकायत पर केरल में जीरो FIR दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के पास एक प्रदर्शन के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। अथिरा ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बस से उतारकर सड़क पर पीटा, जिससे उन्हें चोटें आईं और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

  • केरल की लॉ स्टूडेंट अथिरा विजयन ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।
  • यह घटना 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के पास NSUI के प्रदर्शन के दौरान हुई।
  • अथिरा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बस से उतारकर सड़क पर पीटा।
  • उन्हें इस घटना में चोटें आईं और दिल्ली के हार्डिंग अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
  • केरल के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई है।
  • राहुल गांधी ने दावा किया है कि अथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है।

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाली केरल की एक लॉ स्टूडेंट की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की गई है। छात्रा अथिरा विजयन ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने उनके साथ मारपीट की। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की कार्यकर्ता हैं। शिकायत के मुताबिक, इस घटना में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं और दिल्ली के हार्डिंग अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

अथिरा केरल के कोझिकोड जिले के पुल्लालूर की रहने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI के प्रदर्शन के दौरान उन्हें और दूसरे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

बस से उतारकर सड़क पर मारपीट का आरोप शिकायत के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद अथिरा और अन्य प्रदर्शनकारियों को बस से कनॉट प्लेस ले जाया गया। अथिरा का आरोप है कि वहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन बस से उतारा और सार्वजनिक सड़क पर उनके साथ मारपीट की।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके चेहरे पर वार किए, हाथों को पीछे की ओर पकड़कर रोका और लात मारी। अथिरा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके कपड़े फाड़ने और उनका फोन छीनने की कोशिश की।

शिकायत के अनुसार, कथित मारपीट के कारण उनकी गर्दन में चोट आई, जिसके लिए उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इस घटना से उन्हें मानसिक परेशानी और अपमान का सामना भी करना पड़ा।

केरल में दर्ज हुई जीरो FIR अथिरा ने केरल के पुलिस प्रमुख के पास शिकायत दी थी। इसके बाद 14 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम के पुलिस आयुक्त कार्यालय के माध्यम से शिकायत को म्यूजियम पुलिस स्टेशन भेजा गया, ताकि मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा सके।

म्यूजियम पुलिस स्टेशन में जीरो FIR (क्राइम नंबर 1447/2026) दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 115, 117, 126, 351(3), 296(b) और 3(5) लगाई गई हैं। FIR के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जीरो FIR के तहत किसी भी पुलिस स्टेशन में अपराध की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, भले ही कथित घटना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हुई हो। बाद में मामले को जांच के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन को भेजा जा सकता है।

राहुल गांधी के साथ नजर आईं अथिरा कथित घटना के एक दिन बाद, 14 अक्टूबर को अथिरा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ भी नजर आईं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के कारण अथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है। उन्होंने कहा, ''केरल की अथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है। उसके कान पर चोट मारी गई थी और अब वह उस कान से सुन नहीं सकती।''

कांग्रेस नेता ने कहा, ''पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था जिसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। अब आथिरा एक कान से सुन नहीं सकती।'' अथिरा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया तो जिस बस में उन्हें ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।

छात्रा के मुताबिक, उसने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि महिला पुलिस अधिकारी या महिला कांस्टेबल कहां हैं क्योंकि हिरासत में लेने की स्थिति में कम से कम एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी जरूरी है। अथिरा ने आरोप लगाया कि इसके बाद बस चली और कनॉट प्लेस पुलिस थाने के सामने रुकी, जहां उसके चेहरे पर मारा गया। उसने कहा, ''इसकी वजह से मेरी आंख में चोट लगी है और कान को भी नुकसान पहुंचा है।''

इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। वहीं, NSUI कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इन प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस नेताओं और केंद्र की BJP सरकार के बीच मतदान के अधिकार, पुलिस के आचरण और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर टकराव भी सामने आया है।

प्रकाशित: गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 | 1:04 PM IST

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