दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर धूल कम करने के उपाय तेज किए हैं। योजना के तहत 60 पानी के छिड़काव करने वाले वाहन, 23 मैकेनिकल रोड स्वीपर और 14 एंटी-स्मॉग गन तैनात करने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सड़क सफाई और धूल नियंत्रण के लिए 900 से अधिक कर्मचारियों की मदद लेने की बात कही गई है।
सड़कों की धूल पर रहेगा विशेष ध्यान सड़क किनारे जमा मिट्टी, निर्माण सामग्री और वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल दिल्ली की हवा को प्रदूषित कर सकती है। इसे कम करने के लिए नियमित मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण सामग्री को ढककर रखने जैसे उपाय किए जाएंगे।
NHAI के अनुसार, संबंधित टीमों को दैनिक सफाई और छिड़काव की निगरानी करने तथा काम की तस्वीरों के माध्यम से रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या इससे दिल्ली की हवा साफ हो जाएगी?
सड़क की धूल कम करना जरूरी है, लेकिन दिल्ली के प्रदूषण के कई स्रोत हैं। वाहनों का उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां, घरेलू ईंधन और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
इसलिए केवल पानी के छिड़काव से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसके लिए वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण, निर्माण नियमों का पालन और कचरा जलाने पर रोक जैसे कदम भी जरूरी हैं।
नागरिक क्या कर सकते हैं?
खुले में कचरा न जलाएं।
वाहन की नियमित सर्विसिंग कराएं।
निर्माण सामग्री और मलबे को खुले में न छोड़ें।
खराब हवा के दौरान बाहर व्यायाम करने से बचें।
प्रदूषण संबंधी शिकायतें दिल्ली सरकार के Green Delhi ऐप के माध्यम से दर्ज कराएं।
प्रकाशित: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 | 1:48 PM IST

